Mumbai Twin Tunnels: मुंबई में बन रही देश की सबसे लंबी शहरी सुरंग! ठाणे से बोरीवली का सफर 15 मिनट में
Mumbai Twin Tunnels: मुंबई महानगर क्षेत्र में यातायात को आसान और तेज बनाने के लिए एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जल्द शुरू होने जा रहा है। Thane और Borivali को जोड़ने वाली ट्विन भूमिगत सुरंग परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रोजेक्ट देश की सबसे लंबी शहरी सुरंगों में शामिल होगा, जिससे मुंबई और ठाणे के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
करीब 11.84 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सुरंग सेक्शन होगा, जिसकी लंबाई लगभग 10.25 किलोमीटर होगी। यह मार्ग Sanjay Gandhi National Park के नीचे से गुजरेगा। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के दौरान पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

Mumbai Twin Tunnels: ठाणे से बोरीवली का सफर होगा आसान
- इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ठाणे से बोरीवली के बीच यात्रा का समय 60 से 90 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा।
वर्तमान में यात्रियों को घोड़बंदर रोड के जरिए सफर करना पड़ता है, जहां रोजाना भारी ट्रैफिक जाम के कारण यात्रा काफी समय लेने वाली हो जाती है।
- इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत मार्च 2023 में हुई थी और इसे मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- यह प्रोजेक्ट गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पूरे क्षेत्र में यातायात नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
Mumbai Twin Tunnels Project: खुदाई के लिए खास मशीनों का इस्तेमाल
सुरंग की खुदाई के लिए 'नायक' नाम की विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा, जो देश की एकमात्र सिंगल शील्ड हार्ड रॉक टनल बोरिंग मशीन है। इसके बाद 'अर्जुन' नाम की दूसरी मशीन खुदाई के अगले चरण को पूरा करेगी। इन अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से खुदाई का कार्य सुरक्षित और तेज गति से पूरा किया जा सकेगा।
Twin Tunnels Project: दोनों सुरंग में होंगे 3 लेन
सुरंगों के डिजाइन की बात करें तो दोनों सुरंगों में कुल तीन लेन होंगी, जिनमें एक विशेष आपातकालीन लेन भी शामिल होगी। इसके अलावा हर 300 मीटर पर क्रॉस-पैसेज बनाए जाएंगे, जिससे आपात स्थिति में आसानी से बाहर निकला जा सके। सुरक्षा के लिहाज से सुरंगों में आग बुझाने के उपकरण, धुआं पहचानने वाले सेंसर और एलईडी आधारित सूचना प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के तहत कनेक्टिंग सड़कों का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे गोरबंदर रोड को वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।












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