Maharashtra: महायुति सरकार की बढ़ सकती है मुसीबत! जानें चुनाव आयोग के जांच के दायरे में आई महाराष्ट्र सरकार
Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही भाजपा के प्रतिनिधित्व वाली राज्य की महायुति सरकार बुरी फंसती हुई नजर आ रही है। चुनाव आयेाग महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ जल्द ही आचार संहिता से जुड़े मामले में महायुति सरकार के खिलाफ जांच शुरू करने जा रहा है।
बता दें महाराष्ट्र चुनाव की तारीख का जब चुनाव आयोग 15 अक्टूबर को ऐलान करने के लिए प्रेस कान्फ्रेंस कर रहा था तब एकनाथ शिंदे सरकार ने वोटरों को साधने के लिए अपना बड़ा दांव खेला था जो अब उसी पर भारी पड़ सकता है।

दरअसल, 15 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार की ओर से उठाए गए कदमों ने उसे बड़ी मुश्किल में डाल दिया है।
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने साढ़े तीन बजे प्रेस कान्फ्रेंस में झारखंड की तारीखों के साथ महाराष्ट्र चुनाव की 20 नवंबर तारीख का भी ऐलान किया था। चुनाव की घोषणा के बाद महाराष्ट्र सरकार पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लगभग 200 सरकारी प्रस्ताव, नियुक्तियां और निविदाएं प्रकाशित करने का आरोप है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राज्य सरकार को एक पत्र भी भेजा गया था, जिसमें राज्य सरकार को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद कोई भी सरकारी निर्णय, आदेश या निविदा प्रकाशित न करने का निर्देश दिया गया था।
चुनाव आयोग के निर्देशों की अनदेखी करते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार रात और अगले बुधवार की सुबह कई फैसले वेबसाइट पर अपलोड किए। इससे चुनाव आयोग चिंतित हो गया और उसने सरकार की वेबसाइट से कई फैसले जल्दबाजी में वापस ले लिए। मुख्य चुनाव अधिकारी चोकलिंगम ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम अपलोड किए गए सरकारी प्रस्तावों के समय की जांच करेंगे और जांच करेंगे कि क्या इसने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है या नहीं?"
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर होगा एक चरण में चुनाव
इस साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होने हैं। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर एक ही दिन चुनाव कराने का फैसला किया है। चुनाव 20 नवंबर को होने हैं और नतीजे 23 नवंबर को झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही घोषित किए जाएंगे।
39 Mahayuti govt presided over 'wholesale surrender' of Maharashtra's interests: Congress
33 CM Shinde needs to make 'sacrifices' like we did: BJP leader Bawankule on seat-sharing
107 MVA works with anti-development vision, says CM Shinde; presents his govt's 'report card'
101 Mobile phones won't be allowed inside polling booths in Mumbai during voting: Poll official
हालांकि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीख का ऐलान होने से लगभग एक महीने पहले से ही महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बीच चुनावी जंग छिड़ चुकी है। विपक्षी गठबंधन सत्तारूढ़ महायुति सरकार को घेरने का एक भी मौका छोड़ रही है।वहीं शनिवार को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल अजित पवार गुट वाली एसीपी विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले ने आग में घी का काम किया है।
आइए जानते हैं वोटर
ों से जुड़े वो कौन से मुद्दें हैं जिनको लेकर विपक्षी महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना महायुति गठबंधन सरकार इस चुनावी दंगल में घेरने वाली है।
किसान
विपक्षी पार्टियां किसानों के मुद्दें को जोर- शोर से उठाती रही हैं और महाराष्ट्र चुनाव में भी इस मुद्दें पर महायुति सरकार को घेरने वाली हैं क्योंकि महाराष्ट्र में किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य तमाम योजनाएं चला रही है लेकिन राज्य में किसानों की आत्मत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 1,267 किसानों ने आत्महत्या कर ली।
बीते छह महीने में सबसे अधिक किसानों की मौत के मामले विदर्भ क्षेत्र के अमरावती मंडल में सामने आए हैं। राष्ट्रीय अपराध रेकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में 11,290 कृषि संबंधी व्यवसायों से जुड़े लोगों ने मौत को गले लगा लिया। इनमें सबसे अधिक किसान महाराष्ट्र के थे। इनकी मौत की वजह बढ़ती लागत और फसलों के उत्पादन में गिरावट रहा। इसके अलावा महाराष्ट्र में वर्तमान सरकार द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों और हाइवे निर्माण के कारण किसानों की कृषिभूमि पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते संबंधित क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ आंदोलन भी हुए। उन क्षेत्रों में विपक्षी गठबंधन किसानों को इसी मुद्दें पर साधने की कोशिश करेगा।
मराठा आरक्षण
महाराष्ट्र आरक्षण महाराष्ट्र में हमेशा से एक विवादित मुद्दा रहा है। याद रहे पिछली भाजपा सरकार ने 2018 में मराठा आरक्षण देने का फैसला सुनााया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मराठा समुदाय को दिए गए आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया था। इस सरकार पर लगातार मराठा आरक्षण को लेकर समय-समय पर दबाव बनाया जाता रहा, महायुति सरकार आरक्षण देने का आश्वासन देती रही लेकिन कानूनी झंझट से बचने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया। वहीं कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों ना केवल लंबे समय से इस मुद्दें पर महायुति सरकार को घेर रही हैं वहीं वोटरों को साधने के लिए अपने चुनावी वादों में मराठा आरक्षण देने को शामिल किया है।
BJP के सिंबल पर लड़ेंगे RPI के उम्मीदवार?
जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजेपी के सिंबल पर RPI के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे? इस पर उन्होंने कहा, ''इससे हमारी पार्टी का चेहरा नजर नहीं आएगा. नागालैंड और मणिपुर में मेरी पार्टी रिकॉग्नाइज्ड है. महाराष्ट्र के गांव-गांव में हमारे वर्कर्स हैं. दलित समाज हमारे साथ अच्छी संख्या में है. इनका वोट ट्रांसफर करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. रिपब्लिकन पार्टी छोटी पार्टी है लेकिन जिनके साथ रहती है उनको सत्ता मिलती है.
बीजेपी के कोटे से हमें सीटें मिलनी चाहिए- अठावले
उन्होंने आगे कहा, ''हम अपने सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं. पूरे देश से मुझे रोज फोन आते हैं कि आपको कितनी सीटें मिल रही हैं. लोकसभा में हमें एक भी सीट नहीं दी तो उसका काफी नुकसान हुआ था. हमारी पार्टी ईमानदार लोगों की पार्टी है. हमारा अलायंस बीजेपी से है. बीजेपी के कोटे से हमें सीटें मिलनी चाहिए. एकनाथ शिंदे, अजित पवार और बीजेपी को मिलकर हमें आठ नौ सीटें देनी चाहिए. जब तीनों दलों के साथ बैठक होगी तो हम मीटिंग में इस विषय को रखेंगे.
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महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होगा और 23 नवंबर को वोटों की गितनी के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। महायुति में शामिल एकनाथ शिंदे, अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस बुधवार को दोपहर दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं।
महायुति में शामिल एनसीपी के अजीत पवार, शिवसेना के एकनाथ शिंदे और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस विधानसभा शाह से इस मुलाकात के दौरान तीनों के सीट बंटवारे पर चर्चा होगी और किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी इसको अंतिम रूप देने की संभावना है।
Maharashtra Assembly Election Date महाराष्ट्र में चुनाव की घोषणा हो गई है। इलेक्शन कमीशन ने एलान किया कि 20 नवंबर को महाराष्ट्र में चुनाव होंगे। इसी के साथ आयोग ने एनसीपी (शरद पवार) की दो मांगों पर भी अपने फैसले के बारे में बताया। सीईसी राजीव कुमार ने शरद पवार की चुनाव चिह्न को लेकर दो मांगों पर अपना निर्णय सुनाया है।Maharashtra Assembly Election Date चुनाव आयोग ने शरद पवार की एक मांग मानी।
एजेंसी, नई दिल्ली। Maharashtra Assembly Election Date महाराष्ट्र में चुनावी बिगुल बज चुका है। इलेक्शन कमीशन ने बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलान किया कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। इसी के साथ आयोग ने एनसीपी (शरद पवार) की दो मांगों पर भी अपने फैसले के बारे में बताया।
चुनाव आयोग ने बताया कि उसने शरद पवार के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है जिसमें उसने ईवीएम की बैलेट यूनिट पर अपने चुनाव चिह्न 'तुरहा' को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की मांग की थी। हालांकि, आयोग ने तुरही के चिह्न को फ्रीज करने की मांग को खारिज कर दिया।
क्या बोले राजीव कुमार?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि एनसीपी-एसपी ने चुनाव प्राधिकरण को बताया है कि उनका चुनाव चिह्न - 'तुरहा' को ईवीएम की बैलेट यूनिट पर प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं किया गया है। कुमार ने कहा, "हमने उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा था कि वे अपने चुनाव चिह्न को बैलेट यूनिट पर किस तरह प्रदर्शित करना चाहते हैं। एनसीपी-एसपी ने हमें चुनाव चिह्न के बारे में तीन विकल्प दिए थे और हमने उनके द्वारा दिए गए पहले सुझाव को स्वीकार कर लिया।
तुरही चिह्न के कारण लोकसभा में हुआ नुकसानः शरद
हालांकि, सीईसी ने यह स्पष्ट किया कि आयोग चुनाव चिह्नों के आवंटन की मौजूदा प्रणाली में कोई बदलाव नहीं करना चाहता है। साथ ही, उसने तुरही के चिह्न को ईवीएम की सूची से हटाने की मांग को खारिज कर दिया। सीईसी ने जोर देकर कहा कि तुरही का चिह्न 'तुरहा' के चिह्न से अलग है।
शरद पवार की अगुआई वाली पार्टी ने तर्क दिया था कि तुरही का चुनाव चिह्न 'तुरहा बजाता हुआ आदमी' जैसा है, जिससे लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाता भ्रमित हो गए थे।
शरद पवार की पार्टी ने दिया था ये तर्क
एनसीपी (शरद पवार) ने तर्क दिया था कि सतारा निर्वाचन क्षेत्र में जिस निर्दलीय उम्मीदवार को तुरही का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था, उसे भाजपा उम्मीदवार उदयनराजे भोंसले की जीत के अंतर से ज्यादा वोट मिले थे।
भोंसले ने एनसीपी-एसपी उम्मीदवार शशिकांत शिंदे को 32,771 वोटों के अंतर से हराया था। तुरही के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार संजय गाडे को 37,062 वोट मिले थे।
Maharashtra में कब है चुनाव?
बता दें कि कल ही चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को चुनाव होंगे और परिणाम 23 नवंबर को आएंगे।
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