Maharashtra Chunav: क्या महाराष्ट्र को इस बार मिलेगी अपनी पहली महिला मुख्यमंत्री?
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर शुरू हो चुकी हैं। राज्य की सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी सीटों के बंटवारे को लेकर बैठकें कर रही हैं। इसके साथ ही दोनों ही गठबंधनों में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेर पार्टियों के नेतओं के बीच होड़ मची हुई है।
वहीं इस सबके बीच महाराष्ट्र में चुनाव के बाद पहली महिला मुख्यमंत्री चुने जाने की संभावना के बारे में चर्चा शुरू हो चुकी है। दरअसल, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ की हाल ही में ऐसा बयान दिया जिसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या महाराष्ट्र को इस बार मिलेगी अपनी पहली महिला मुख्यमंत्री?

बता दें कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने चुनाव के बाद राज्य का नेतृत्व एक महिला को करते हुए देखने की इच्छा व्यक्त की। वर्षा गायकवाड़ ने राज्य के लिए महिला सीएम की पैरवी करते हुए कहा महाराष्ट्र एक प्रगतिशील राज्य है इसके बावजू यहां पर अभी तक कोई महिला मुख्यमंत्री नहीं बन सकी। गायकवाड़ ने ये सवाल उठाया कि दिल्ली, बंगाल समेत अन्य राज्यों में महिला सीएम बन चुकी हैं तो महाराष्ट्र जैसे राज्य में ये जिम्मेदारी अब तक किसी महिला को क्यों नहीं मिली?
महाराष्ट्र में 64 मुख्यमंत्रियों में एक भी महिला नहीं
कांग्रेस सांसद के इस बयान के बाद महाराष्ट्र चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की मुश्किल बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में अब तक 64 नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं जिसमें से एक भी महिला का नाम शामिल नहीं हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक महाराष्ट्र में शासन करने का मौका छह राजनीतिक पार्टियों को मिल चुका है। लेकिन इनमें किसी ने भी पार्टी ने किसी महिला को सीएम बनने का मौका नहीं दिया।
महिला सीएम की मांग को नहीं मिली तव्वजों
हालांकि महिला मुख्यमंत्री की मांग महाराष्ट्र में पहली बार नहीं उठी है, इससे पहले 1994 में महिला मुख्यमंत्री की मांग उठी थी। उस समय शरद पवार के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने पंचायत और निकाय चुनाव में महिलाओं की हिस्सेदारी तय करने के लिए कानून लाए थे और 2018 में भी राज्य में महिला सीएम की मांग उठी थी लेकिन किसी भी पार्टी ने इसको अहमियत नहीं दी।
क्यों नहीं बनी अब तक महिला सीएम?
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टियों ने क्यों किसी महिला को अब तक मौका नहीं दिया। इस मुद्दें पर पार्टियां बैकफुट पर क्यों चली गई। इसका जवाब ये है कि भाजपा, शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस चारों ही पार्टियों में सीएम पद के लिए हमेशा पुरुष चेहरा ही प्रबल दावेदार रहा। कोई महिला सीएम पद की दावेदार नहीं रही। किसी भी पार्टी के पास सीएम पद के महिला का चेहरे का अभाव रहा।
कौन हो सकती हैं संभावित महिला सीएम
हालांकि कि अब कांग्रेस सांसद की महिला सीएम की पैरवी के बाद संभावित महिला सीएम उम्मीदवारों को लेकर अटकलें शुरू हो चुकी है। जिनमें एनसीपी की सुप्रिया सुले और शिवसेना यूबीटी की रश्मि ठाकरे के मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार के रूप में उभरने की अटकलें शुरू हो चुकी हैं।
सुप्रिया सुले मजबूत दावेदार
ये महाराष्ट्र चुनाव के परिणामों को लेकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के आंतरिक सर्वेक्षणों के आधार पर लगाया जा रहा है। जिसमें कांग्रेस और एनसीपी के प्रति अनुकूल झुकाव दिखाई दे रहा है, जो उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी से थोड़ा आगे है। हालांकि सुप्रिया सुले का अपनी पार्टी के भीतर और राष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण प्रभाव उन्हें मुख्यमंत्री की भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करता है।
महाराष्ट्र में पुरुषों से अधिक महिला मतदाता
चुनाव आयोग द्वारा 30 अगस्त को संशोधित वोटरों की की अंतिम लिस्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 9.53 करोड़ मतदाता हैं। महाराष्ट्र में 4.9 करोड़ पुरुष मतदाता हैं, जबकि 4.6 करोड़ महिला वोटर हैं। यानी पुरुष वोटरों से महिला वोटरों की संख्या अधिक है। पिछली बार की तुलना में 10 महिला वोटरों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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