महाराष्ट्र: अचानक राज ठाकरे की क्यों बढ़ गई डिमांड? दिल्ली में शाह से मिले राज तो NCP ने दिया ये ऑफर
Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद महाराष्ट्र में अचानक से मनसे प्रमुखराज ठाकरे की डिमांड बढ़ गई है। भाजपा राज ठाकरे की MNS का अपने महाराष्ट्र के महायुति गठबंधन में शामिल होने की न्यौता दे चुकी है। वहीं भाजपा के न्यौते पर मंगलवार को जब राज ठाकरे दिल्ली में अमित शाह से मिलने पहुंचे तो एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने राज ठाकरे को INDIA गठबंधन में शामिल होने का न्यौता देते हुए कहां "राज ठाकरे अगर INDIA ब्लॉक में आते हैं तो उन्हें उचित सम्मान मिलेगा।"

आइए जानते हैं आखिर क्या वजह है कि एनडीए गठबंधन क्यों राज ठाकरे को अपने गठबंधन में शामिल करना चाहता है।
सीट शेयरिंग हो लेकर महायुति में अटकी है बात
बता दें लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भी एनडीए गठबंधन में शामिल भाजपा के प्रतिनिधित्व वाले महायुति गठबंधन जिसमें शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) शामिल हैं उनके बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बात अभी तक अटकी हुई है। वहीं आज की राज ठाकरे और शाह से मुलाकात के बाद राज ठाकरे का एनडीए गठबंधन में शामिल होना तय माना जा रहा है।
भाजपा एक तीर से साधना चाहती है दो निशाना
दरअसल, राज ठाकरे को महायुति गठबंधन में शामिल कर भाजपा एक तीर से दो निशाने साधने का प्रयास कर रही है। एक तरफ राज ठाकरे के जरिण्ए उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे गुट की शिव सेना यूबीटी को बड़ा आघात देना चाहती है वहीं अपनी महायुति में शामिल घटकों (एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना, अजित पवार का एनसीपी गुट) को भी अपनी हनक दिखाकर उन पर प्रेशर बनाना चाहती है।
राज ठाकरे और भाजपा
याद रहे राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अच्छे मित्र भी हैं और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे की खासकर मराठा समुदाय पर अच्छी पकड़ भी है। भाजपा महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे के चेहरे और उनके दमदार भाषणों से महाविकास अघाड़ी के नेताओं पर हमले करवा कर उद्धव की यूटीबी को चुनाव में कमजोर करने का प्रयास करेगी।
बता दें 2006 में बाल ठाकरे की पार्टी से दरकिनार किए जाने के बगवात के बाद राज ठाकरे ने मनसे बनाई और उनकी पार्टी ने 2009 विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनकी पार्टी का प्रदर्शन खास नहीं रहा, ऐसे में राज ठाकरे के लिए 2024 के चुनाव एक बेहरतीन मौका है
राज ठाकरे और शाह की मुलाकात होते ही मुंबई में बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि राज ठाकरे दिल्ली में अमित शाह से मिले वैसे ही महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ गई। मुंबई में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अजित पवार मिलने पहुंच गए और वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने आवास पर अपनी पार्टी के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।
शिंदे गुट में बढ़ी बेचैनी
एकनाथ शिंदे सीएम एकनाथ शिंदे ने ठाणे में सांसदों के साथ सीट बंटवारे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के महायुति (बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन) में शामिल होने के बाद के समीकरणों पर चर्चा की। शिंदे गुट जो भाजपा से कुछ सीटों की डिमांड को लेकर अड़ा हुआ है वो भी राज ठाकरे के महायुति में शामिल होने की सुगबुहाट के बीच बेचैन हो चुका है। माना जा रहा है कि शिंदे गुट वाली शिवसेना अगले 24 घंटे में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।
भाजपा को क्यों चाहिए राज ठाकरे का साथ
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव से पहले मराठा नेता राज ठाकरे को एनडीए गठबंधन में शामिल करके भाजपा जहां अपने को महाराष्ट्र में और मजबूत करना चाहती है, साथ ही संभवत: महायुति में शामिल मराठा नेता एकनाथ शिंदे पर अपनी बात को मनवाने के लिए एक प्रेशर क्रिएट करना चाहती है जिसमें वो शाह और राज की मुलाकात के बाद कामयाब नजर आ रही है। याद रहे महाराष्ट्र में 2024 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
महाराष्ट्र में भाजपा पहले कर चुकी है ये प्रयोग
याद रहे महाराष्ट्र में भाजपा ये प्रयोग भाजपा पहले कर चुकी है। पहले 2019 में उद्धव ठाकरे की मुख्यमंत्री बनने की जिद के कारण सत्ता गंवाने के बदला लेते हुए ठाकरे की शिवसेना के दो टुकड़े कर दिए और बगावती शिवसैनिक एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र में सीएम की कुर्सी देकर सरकार बनाई और इसके कुछ समय बाद शरद पवार की एनसीपी को तोड़कर अजित पवार को महायुति में शामिल कर लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री की कुर्सी देकर शिंदे गुट के सांसदों की आवाज को दबा दिया था।












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