Jalgaon Train Accident: चाय वाले ने उड़ाई थी आग लगने की अफवाह, डिप्टी सीएम अजित पवार का खुलासा
Train Accident: महाराष्ट्र के जलगांव में पुष्पक एक्सप्रेस की भयावह दुर्घटना ने पूरे राज्य को शोक में डाल दिया है। जलगांव कलेक्टर आयुष प्रसाद ने पुष्टि की है कि इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह त्रासदी उस समय हुई जब यात्रियों ने ट्रेन के पहियों से चिंगारी निकलते देख इसे आग लगने की गलती से समझ लिया। इस गलतफहमी ने ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैला दी और उन्हें जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूदने पर मजबूर कर दिया।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बयान
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि रेलवे हादसे के बाद प्रशासन और अन्य बल सक्रिय हो गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। श्रावस्ती के उधल कुमार और विजय कुमार ट्रेन में थे। वे जनरल में यात्रा कर रहे थे। बोगी और ऊपरी बर्थ पर बैठे थे। पैंट्री से एक चाय बेचने वाले ने बोगी में आग लगने के बारे में चिल्लाया। दोनों ने यह सुना और घबरा गए। कुछ यात्री खुद को आग से बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूद गए। लेकिन ट्रेन अच्छी गति से चल रही थी। इसलिए एक व्यक्ति ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई। कई यात्री ट्रेन से उतर गए और रेलवे ट्रैक पार करने लगे। एक अन्य ट्रेन, कर्नाटक एक्सप्रेस बहुत तेज गति से आई और रेलवे ट्रैक पार कर रहे यात्रियों को टक्कर मार दी।

उन्होंने बताया कि हादसे में अब तक 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है। उनमें से 10 की पहचान कर ली गई है। जबकि अन्य 3 की पहचान अभी बाकी है। कुल घायलों की संख्या 10 है। जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। यह घटना उधल कुमार और विजय कुमार द्वारा फैलाई गई अफवाह के कारण हुई। वे घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। रेलवे सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। हमने प्रशासन को सभी घायलों को सरकारी खर्च पर इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है। हमारे मंत्री और कलेक्टर घटना की जांच कर रहे हैं।
जानिए कैसे हुई दुर्घटना
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस के स्टेशन से रवाना होने के तुरंत बाद हुई। ट्रेन के ब्रेक लगाने से उत्पन्न ब्रेक बाइंडिंग चिंगारी को यात्रियों ने आग लगने का संकेत समझ लिया। घबराए यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींची। जिससे ट्रेन धीमी हुई और उन्होंने चलती ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया।
कई यात्री पुलिया की दीवार और पटरियों पर कूद गए। दुर्भाग्यवश पटरियों पर मौजूद यात्रियों को वहां से गुजर रही कर्नाटक एक्सप्रेस की गति का अंदाजा नहीं लग पाया। तेज रफ्तार से आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस ने कई यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे दर्दनाक मौतें और गंभीर चोटें हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों देखी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूठे अलार्म और घबराहट ने स्थिति को और खराब कर दिया। कुछ यात्रियों ने गलतफहमी के कारण जल्दबाजी में कूदने का फैसला किया। हादसे के बाद दृश्यता की कमी और तीखे मोड़ ने बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। अफरा-तफरी मच गई और लोग कूदते चले गए।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
दुर्घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मृतकों के परिवारों और घायलों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों के चिकित्सा खर्च की घोषणा की।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर दुख प्रकट किया और पीड़ित परिवारों को संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से तेजी से राहत कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुआवजा और राहत कार्य
घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनके इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रेलवे और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से इस हादसे की जांच शुरू कर दी है।
दुर्घटना से सीख और चेतावनी
यह हादसा गलतफहमी और घबराहट से उत्पन्न खतरों की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि आपात स्थितियों में संयम बनाए रखें और बिना पुष्टि के कदम न उठाएं।
शोक और एकजुटता का समय
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे महाराष्ट्र को गमगीन कर दिया है। पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने और घायलों के इलाज के लिए राज्य और केंद्र सरकार प्रतिबद्ध हैं। यह घटना उन जोखिमों की याद दिलाती है। जो आपदा प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूकता की कमी से उत्पन्न होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications