गणेश चतुर्थी और ईद-ए-मिलाद को लेकर CM फडणवीस ने दिए सख्त निर्देश, 'ऑपरेशन सिंदूर' का क्योंं किया जिक्र?
Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गणेशोत्सव के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की शक्ति का प्रदर्शन करने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। उन्होंने भक्तों के लिए सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश भी दिए। सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित कानून और व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसी कारण राज्य सरकार इस उत्सव के आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर योजनाएं बना रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले साल दी गई सभी रियायतें इस बार भी जारी रहेंगी, लेकिन कानून का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। ईद-ए-मिलाद के गणेशोत्सव के साथ पड़ने के कारण, धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में कोई बाधा न आने देने के विशेष प्रयास करने पर जोर दिया गया।

'ऑपरेशन सिंदूर' का क्योंं किया जिक्र?
फडणवीस ने कहा कि इस साल के सार्वजनिक गणेशोत्सव में 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत द्वारा प्रदर्शित शक्ति और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के बारे में जन जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी अपेक्षा की कि 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित झाँकियां जवानों को समर्पित होनी चाहिए।
सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में उत्सव मनाने की अपील की। लाउडस्पीकर के लिए अनुमति के दिनों में वृद्धि पर न्यायालय के अधीन सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मूर्तिकारों को लेकर दिया ये आदेश
प्रशासन को गणेशोत्सव के दौरान भक्तों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अनुमति के लिए नगर निगम द्वारा शुरू की गई कंप्यूटर-आधारित 'वन विंडो योजना' का लाभ उठाने का सुझाव दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों की तरह मूर्तिकारों को भी लगातार पांच वर्षों के लिए अनुमति दी जाए, जिसे उन्हें हर साल नवीनीकृत करना होगा।
गणेश मूर्तियों के विसर्जन को लेकर निर्देश
गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों की संख्या बढ़ाने और ऊँची मूर्तियों के गहरे समुद्र में विसर्जन के लिए समुद्र तट पर नावों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के कार्यालयों पर संपत्ति कर वसूलते समय मंडल प्रशासन को लिखित में देता है कि इन कार्यालयों का उपयोग व्यावसायिक कारणों से नहीं हो रहा है, तो ऐसे कार्यालयों पर संपत्ति कर नहीं लगाया जाएगा।












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