BMC election 2026: चुनाव में पतंग से क्यों भयभीत है शिंदे की शिवसेना? वजह कर देगी हैरान
BMC election 2026: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के साथ मुंबई बीएमसी चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और 16 जनवरी को मतों की गणना की जाएगी। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
शिवसेना और एनसीपी के विभाजन के बाद महाराष्ट्र की महानगरपालिका और मुंबई बृहद महानगरपालिका (BMC) का ये पहला चुनाव हैं। इसलिए ये चुनाव दोनों पार्टियों के दोनों धड़ों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

इस चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना और सत्ता पर काबिज शिंदे की शिवसेना में सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। रोचक बात ये है कि शिंदे की शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की 'मशाल' से ज्यादा AIMIM के चुनाव चिन्ह 'पतंग' से भयभीत है। आलम तो ये है कि डिप्टी सीएम की शिवसेना इतनी भयभीत है कि उसने चुनाव की तारीखों का ऐलान ही AIMIM के चुनाव चिन्ह 'पतंग' पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?
पतंग से क्यों डरी है शिंदे की शिवसेना?
दरअसल, चुनाव आयोग ने महानगरपालिका चुनाव की तारीख 15 जनवरी निर्धारित की है और एक दिन बाद 16 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित होगा। सरकार के मंत्री संजय सिरसाट का तर्क दिया है कि निकाय चुनाव की तारीख और मकर संक्रांति का पर्व एक ही दिन पड़ रहा है और मकर संक्रांति भारत में से पतंग उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इसलिए AIMIM के 'पतंग' चुनाव चिन्ह पर रोक लगनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि वो इस मामले में निर्वाचन आयोग से संपर्क करेंगे।
शिवसेना की मांग पर क्या बोली AIMIM?
महाराष्ट्र AIMIM के नेता इम्तियाज जलील ने शिरसाट इस मांग को 'हास्यास्पद' बताते हुए सिरे से खारिज किया है। जलील ने शिरसाट के बयान पर तंज कसते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री से यह अनुरोध करूंगा कि इस व्यक्ति (शिरसाट) को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।" इसके साथ ही उन्होंने कहा महानगरपालिका चुनाव बस एक संयोग है, किसी चिन्ह से जुड़ी कोई साजिश नहीं।
AIMIM नेता बोले- मैं इस साल पतंग जरूर उड़ाऊंगा
जलील ने कहा "मैं इस साल पतंग जरूर उड़ाऊंगा, क्योंकि यह एक हिंदू त्योहार है। मैं तो चाहूंगा कि शिरसाट भी इसे उड़ाएं।" वहीं महायुति में शामिल अजित पवार की एनसीपी के 'घड़ी' चिन्ह का हवाला देते हुए तंज कसते हुए कहा "भाजपा और शिवसेना नेताओं से अगले महीने तक घड़ी न पहनने की अपील भी की। उन्होंने ये भी कहा कि मैं खुद भी निर्वाचन आयोग से संपर्क करूंगा, यदि कोई भी बात मतदाताओं को प्रभावित करती है, तो आयोग को उस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।
NCP और Shiv Sena के चुनाव चिन्ह
याद रहे, पिछले छह सालों में महाराष्ट्र की राजनीतिक की दो प्रमुख पार्टियां एनसीपी और शिवसेना दो टुकड़ों में बंट चुकी है। इतना ही नहीं दोनों पार्टियों के दूसरे गुट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल हैं। जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना का 'मशाल' और शिंदे गुट की शिवसेना का चुनाव निशान 'धनुष-बाण' है। वहीं जित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह 'घड़ी' है, जबकि शरद पवार गुट का चुनाव चिन्ह 'तुरहा' है।
ओवैसी की AIMIM कितनी सीटों पर लड़ रही चुनाव?
2026 के निकाय चुनाव में AIMIM ने चुनावों में राज्य के कुल 27 नगर निकायों में लड़ने का ऐलान किया है। पिछले चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने मुंबई और औरंगाबाद के स्थानीय निकाय चुनाव में जीत हासि की थी।
2017 Election Outcome - 2017 के चुनाव परिणाम
- 2017 में हुए पिछले चुनावों में अविभाजित शिवसेना यानी ठाकरे की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
- उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन कर मेयर पद हासिल किया।
2017 में किस पार्टी ने जीती थी कितनी सीटें?
- शिवसेना: 84 सीटें
- भाजपा: 82 सीटें
- कांग्रेस: 31 सीटें
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा): 9 सीटें
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे): 7 सीटें
- एआईएमआईएम: 2 सीटें












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