मुंबई: पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ ACB करेगी भ्रष्टाचार की जांच, राज्य सरकार ने दी मंजूरी
मुंबई, 15 जुलाई। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए उगाही का आरोप लगाने वाले पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा ही जा रही हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को परमबीर सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू करने के लिए मंजूरी दे दी। बता दें कि एंटीलिया विवाद के बाद अनूप डांगे नाम के एक पुलिस इंस्पेक्टर ने परमबीर पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे जिसके बाद उनके खिलाफ अब एसीबी को जांच के आदेश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बार कार में विस्फोटक मिलने के बाद मुबंई पुलिस के कई अधिकारियों के नाम सामने आए। इस मामले के बाद तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का तबादला किया गया था। तब उन्होंने चिट्ठी लिखकर राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भी 100 करोड़ रुपए वसूली के आरोप लगाए। परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को मुंबई में 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया था।
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वहीं पुलिस अधिकारी अनूप डांगे ने आरोप लगाया था कि परमबीर सिंह के रिश्तेदार होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था ताकि उन्हें निलंबन के बाद मुंबई पुलिस में बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपए दिए जा सके। डांगे ने महाराष्ट्र गृह विभाग को अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि परमबीर सिंह के अपराधियों के साथ संबंध थे।
अपनी प्रारंभिक जांच में अधिकारी की शिकायत में कुछ लिंक पाए जाने के बाद एजेंसी ने खुली जांच के लिए राज्य सरकार की मंजूरी मांगी थी। बता दें कि परमबीर सिंह पहले से ही ठाणे के पुलिस आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपने कथित गलत कामों में प्राथमिकी और जांच का सामना कर रहे हैं। उन्हें एंटीलिया बम मामले और मनसुख हिरेन मौत मामले में भी गवाह बनाया गया है।












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