मध्य प्रदेश में नीम के पेड़ से निकल रहा है सफ़ेद मीठा पानी, लोगों के रोग हो रहे हैं दूर
नीम एक बहुत ही अच्छी वनस्पति है जो की भारतीय पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। आयुर्वेद में नीम को बहुत ही उपयोगी पेड़ माना गया है। इसका स्वाद तो कड़वा होता है लेकिन इसके फायदे अनेक होते हैं। नीम का नाम सुनकर भले ही मुंह में कड़वाहट महसूस हो, मगर भितरवार की ग्राम पंचायत कैरुआ मैं लगा एक पेड़ लोगों को ना सिर्फ मिठास का एहसास करा रहा है, बल्कि तमाम मर्जों की दवा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पानी पीने से कई गंभीर से गंभीर बीमारियों को फायदा मिल रहा है। पानी लेने के लिए हर रोज यहां लोगों की भीड़ लग रही है। तो यकायक पिछले 10 -12 रोज से निकल रहे सफेद पानी को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त है।

पेड़ से निकल रहा है करिश्माई पानी
पूरा मामला मध्य प्रदेश के भितरवार की ग्राम कैरुआ स्थित जयंती बाबा के स्थान स्थित सार्वजनिक चौपाल के पास नीम का पेड़ लगा हुआ है। कुछ दिन पहले इस पेड़ के तने से सफेद पानी का रिसना शुरू हुआ था। जब पास में रहने वाले गोपाल जोशी का ध्यान जब इस ओर गया तो जिज्ञासाबस नीम के तनी से निकल रहे पानी का स्वाद चख लिया। तो पानी का स्वाद नारियल के पानी जैसा लगा। जब यह जानकारी आसपास के अन्य लोगों को लगी तो उक्त नीम के पेड़ के नीचे लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। हर कोई पेड़ के तने से रिस रहा सफेद पानी देखकर हैरान था। तो कुछ लोगों में पेड़ से निकल रहे सफेद पानी को लेकर तमाम तरह की अवधारणाएं उत्पन्न हो गई।
किसी ने कहा कि कोई दैवीय चमत्कार है तो किसी ने कहा गांव पर बुरी बलाओं का डेरा ढल गया है कभी भी कोई अनहोनी घटना गांव में घट सकती है। तो वहीं दूसरी ओर पानी का स्वाद लेकर कई लोग बोतल में पानी भर कर ले जा रहे हैं। इस दौरान कुछ स्थानीय बीमार लोगों द्वारा पानी को पिया तो उनको बीमारी से संबंधित लाभ दिखाई दिया। वही देखा जाए तो नीम के पेड़ से 24 घंटे में 4 से 5 लीटर सफेद और नारियल के स्वाद वाला पानी रिस रहा है जिसे लोग विभिन्न प्रकार की असाध्य और गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु अपने घरों पर ले जा रहे हैं और मरीजों को सुबह-शाम पानी दे रहे हैं।

रोग हो रहे हैं दूर
बताया जा रहा है कि पेड़ से निकल रहे मीठे पानी से उन्हें लाभ भी प्राप्त हो रहा है। जानकारी अनुसार यह मीठा पानी गठिया रोग, कमर दर्द, स्वास की बीमारी, टाइफाइड और मलेरिया के अलावा कई चरम रोगी इस पानी का उपयोग कर रहे हैं जिससे उन्हें काफी फायदा भी मिल रहा है। लोग करिश्माई पानी मानकर विभिन्न प्रकार के उपचारों के लिए अपने घर ले जा रहे हैं। वहीँ धीरे-धीरे गांव से नीम के पेड़ के चमत्कारिक पानी की जानकारी आसपास के गांव के लोगों को लगी तो वह भी बोतल में पानी लेने के लिए गांव में पहुंचना शुरू हो गए हैं जिसके चलते सुबह-शाम ही नहीं दिनभर नीम के पेड़ के आसपास लोगों का झुंड लगा रहता है।

पूर्व में भी घटित हो चुकी है ऐसी घटनाएं
नीम की कड़वाहट से हर कोई परिचित है लेकिन नीम से निकलने वाले सफेद रंग के द्रव्य के स्वाद से हर कोई वाकिफ नहीं है। जो पौधा पूरी तरह से कड़वाहट लिए है उस पौधे का नारियल के समान मीठा जल निकलना एक अपने आप में चमत्कारिक घटना बनी हुई है। केरुआ गांव के इस नीम के पेड़ से निकलने वाले सफेद जल के संबंध में जब आसपास के बुजुर्गों से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी क्षेत्र में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन नारियल के समान मीठा पानी निकलने की यह घटना अपने आप में एक अनोखी घटना घटित होना बताया।












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