MP News: बजट 2025 पर मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान, किसानों के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाना अहम कदम
MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए 2025 के आम बजट पर मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने इस बजट को विशेष रूप से विकास और कल्याणकारी दृष्टिकोण से परिपूर्ण बताया। मंत्री सारंग के अनुसार, यह बजट देश के विभिन्न वर्गों की भलाई और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "यह बजट मोदी सरकार की विचारधारा और 'आत्मनिर्भर भारत' तथा 'गरीब कल्याण' मंत्र को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह बजट हर भारतीय को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं।"
विकास और कल्याण के लिए मजबूत कदम
मंत्री सारंग ने इस बजट को सिर्फ आर्थिक सुधार का नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना है कि इस बजट के द्वारा सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता, और महिलाओं समेत समाज के हर तबके के कल्याण का ध्यान रखा है। सरकार ने उन योजनाओं का ऐलान किया है, जो न केवल रोजगार सृजन करेंगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेंगी।
किसानों के लिए क्रेडिट लिमिट में वृद्धि
कृषि क्षेत्र के लिए इस बजट में एक अहम घोषणा की गई है। किसानों के लिए क्रेडिट लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जो उनके लिए खेती और कृषि संबंधित गतिविधियों में वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। मंत्री सारंग ने इसे किसानों के लिए एक बड़ी राहत बताते हुए कहा, "किसानों को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और देश के अन्नदाताओं की स्थिति में सुधार होगा।"
नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समावेश
इस बजट में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं घोषित की गई हैं। मंत्री विश्वास सारंग ने इस दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। इस बजट में महिला-हितैषी योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता और आसान होगा।"
आर्थिक अनुशासन पर जोर
मंत्री सारंग ने इस बजट में आर्थिक अनुशासन को भी प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि इस बजट में न केवल विकास की योजनाओं पर बल दिया गया है, बल्कि सरकार ने आर्थिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे देश की आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी और आने वाले समय में एक मजबूत और समृद्ध अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा।
समावेशी विकास और सामाजिक समृद्धि
मंत्री सारंग ने कहा, "यह बजट समाज के हर वर्ग के विकास और समृद्धि की ओर एक ठोस कदम है। मोदी सरकार का उद्देश्य हर भारतीय को आत्मनिर्भर बनाना है और यह बजट उसी दिशा में काम करेगा।"
केंद्रीय बजट 2025-26: प्रमुख विशेषताएं और मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया, जिसमें समग्र विकास, आर्थिक सुधार और विभिन्न समाजिक-आर्थिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। इस बजट में विशेष रूप से किसानों, एमएसएमई, युवाओं, महिलाओं और शिक्षा क्षेत्र पर जोर दिया गया है।
मध्यमवर्ग को राहत
इस बजट में एक अहम घोषणा यह की गई कि जो लोग 1 लाख रुपये तक प्रति माह की औसत आय कमाते हैं, उन्हें कोई आयकर नहीं देना होगा। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों की आय और खपत में वृद्धि होगी, जो देश की समग्र आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा। इसके अलावा, वेतनभोगी करदाताओं के लिए नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक कोई आयकर नहीं होगा।
विकास के चार ईंजन, केन्द्रीय बजट में विकास के चार प्रमुख ईंजनों की पहचान की गई है:
- कृषि
- एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग)
- निवेश
- निर्यात
इन क्षेत्रों में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई गई हैं, ताकि देश की आर्थिक गति में सुधार और प्रत्येक वर्ग का विकास हो सके।
कृषि क्षेत्र के लिए योजनाएं
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा, और विशेष रूप से 100 निम्न उत्पादन वाले जिलों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, दालों में आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की जाएगी, जिसमें अरहर, उड़द और मसूर जैसी दालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संशोधित ब्याज योजना के तहत केसीसी (कृषि क्रेडिट कार्ड) के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।
एमएसएमई को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को राहत देने के लिए सरकार ने गारंटी के साथ दिए जाने वाले ऋण की सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा, मेक इन इंडिया की नीति को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की शुरुआत की जाएगी।
शिक्षा और कौशल विकास
बजट में शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, 500 करोड़ रुपये की कुल परिव्यय के साथ शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण
सरकार ने गिग वर्करों के लिए पहचान पत्र जारी करने की योजना बनाई है। पीएम जन आरोग्य योजना के तहत ई-श्रम पोर्टल और स्वास्थ्य देखभाल में पंजीकरण की प्रक्रिया भी सरल की जाएगी। इसके अलावा, कैंसर, असाधारण रोगों और अन्य गंभीर जीर्ण रोगों के उपचार के लिए 36 जीवनरक्षक औषधियों को बुनियादी सीमा-शुल्क (बीसीडी) से छूट दी गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और आवास
शहरी विकास के लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती निधि स्थापित किया है। इसके तहत शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाएँ लागू की जाएंगी। इसके अलावा, एक लाख आवासीय इकाइयों को शीघ्र पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का स्वामित्व निधि आवंटित किया गया है।
आर्थिक प्रोत्साहन और विनिर्माण
घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कुछ कच्चे माल पर सीमा शुल्क (बीसीडी) में छूट दी गई है। बैट्री उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विद्युतीय वाहन और मोबाइल बैट्री उत्पादन के लिए अतिरिक्त पूंजीगत वस्तु में छूट दी गई है।
आर्थिक लक्ष्य
वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, और इसे अगले वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है।












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