MP News: VIDEO वायरल होने के बाद चुरहट के दरोगा पर गिरी गाज, SP ने किया लाइन अटैच, वेतन वृद्धि रोकी
Churhat police inspector: सीधी जिले के चुरहट थाना प्रभारी निरीक पुष्पेंद्र मिश्रा के खिलाफ एक वायरल वीडियो के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। वीडियो में वे दो सगे भाइयों को बाल पकड़कर गाड़ी में बैठाते हुए दिख रहे हैं, जिन्हें डीजे की तेज आवाज पर शोर मचाने और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
आरोप और पुलिस का बचाव
थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि वीडियो एडिट किया गया है और इसमें पूरी घटना का केवल एक हिस्सा दिखाया गया है। उनका कहना था कि ये कार्रवाई पुलिसकर्मी के साथ हुए बदसलूकी के कारण की गई थी, और इस घटना के बाद ही आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

थाना प्रभारी के मुताबिक वीडियो में दिखाया गया कि 31 जनवरी को पुलिस कॉलोनी के पास पीएचई विभाग से रिटायर हुए गणपत पटेल की विदाई पार्टी के दौरान, कुछ युवक पिकअप में तेज आवाज में डीजे बजा रहे थे। जब एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने शोर कम करने की विनती की, तो नशे में धुत युवकों ने न केवल उनकी बात अनसुनी की, बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की। इसके बाद, थाने से अतिरिक्त बल बुलाकर आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

वायरल वीडियो पर कार्रवाई
मामले में उप पुलिस महानिरीक्षक, रीवा क्षेत्र ने पुष्पेंद्र मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें अग्रिम आदेश तक पुलिस लाइन सीधी भेजने का आदेश दिया है। साथ ही, उन्हें 1 वर्ष की वेतन वृद्धि रोकने की सजा भी दी गई है।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। थाना प्रभारी की ओर से वीडियो को एडिटेड बताने की बात कही गई, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के लिए कदम उठाए।
चुरहट वायरल वीडियो पर पिता और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
युवकों के पिता का बयान: चुरहट थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा द्वारा किए गए कार्रवाई के बाद, युवकों के पिता गणपत पटेल ने कहा कि कुछ लोग ज्यादा उत्साहित हो गए थे और इसलिए डीजे की आवाज तेज कर दी गई थी। इस मुद्दे को लेकर जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया, तो उन्होंने थाना प्रभारी से हाथ जोड़कर माफी मांगी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पटेल ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा कि वे कार्रवाई करेंगे, जिसके बाद दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस का तंज
इस मामले पर कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे फिल्मी अंदाज में पेश किया, जहां पोस्ट में लिखा गया कि "चुरहट में एक टीआई साहब हैं - मिश्रा 'जी', बिल्कुल वैसे ही जैसे फिल्मों में होते हैं - सिंघम 'सर' - चुलबुल पांडे 'जी'।"
कांग्रेस ने यह भी लिखा कि जब पीएचई विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी गणपत पटेल की विदाई पार्टी में डीजे बज रहा था, तो यह टीआई साहब के लिए नींद में खलल डालने जैसा था। इसके बाद वे गुस्से में बाहर आए और डीजे को बंद कर दिया, साथ ही मार-पीट भी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रिटायर्ड बुजुर्ग के हाथ जोड़कर माफी मांगने के बावजूद पुलिस अधिकारी ने उनकी एक न सुनी।
कांग्रेस ने इस घटना को गुंडों के खिलाफ सख्ती की तरह पेश किया, और मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पर्यटन मंत्री से सवाल पूछा कि यदि इस तरह की सख्ती गुंडों के खिलाफ हो, तो मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर हो सकती है। इसके साथ ही पार्टी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यदि कंफ्यूजन हो तो पुलिस अधिकारी का चयन करने के लिए एक टैलेंट सर्च कैंपेन चला देना चाहिए।
कांग्रेस का आरोप था कि टीआई साहब का व्यवहार अधिक सख्त था और इसका दुरुपयोग किया गया, जबकि इसी तरह की सख्ती गुंडों और अपराधियों के खिलाफ होनी चाहिए।












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