MP News: सीधी की लीला साहू और गर्भवती महिला का वीडियो कैसे हुआ वायरल, जानिए क्या था सांसद का वादा
MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के खड्डी खुर्द गांव की लीला साहू एक बार फिर अपनी बेबाक आवाज के साथ सुर्खियों में हैं। पिछले कई महीनों से वे गांव की खराब सड़कों की समस्या को लेकर सांसद डॉ राजेश मिश्रा से गुहार लगा रही हैं। सांसद ने नवंबर 2024 तक सड़क निर्माण शुरू करने का वादा किया था, लेकिन जुलाई 2025 आते-आते स्थिति जस की तस बनी हुई है।
7 जुलाई 2025 को लीला ने एक नया वीडियो जारी कर, जिसमें एक गर्भवती महिला के साथ टूटी सड़कों पर चलते हुए उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, और इसने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर किया है।

खड्डी खुर्द की सड़कें: विकास की राह में रोड़ा
सीधी जिले के रामपुर क्षेत्र में स्थित खड्डी खुर्द गांव की 10 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क 30 से अधिक गांवों को जोड़ती है, लेकिन यह सड़क वास्तव में एक मुसीबत का रास्ता बन चुकी है। हर बारिश में यह कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जिससे ग्रामीणों का जीवन जोखिम भरा हो गया है। खासकर गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए यह सड़क एक बड़ी चुनौती है।
लीला साहू ने अपने वायरल वीडियो में बताया, "यह सड़क नहीं, मुसीबत का रास्ता है। बारिश में यह कीचड़ से भर जाता है, और गर्भवती महिलाओं को 6 किलोमीटर पैदल चलकर स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं।"
गांव की अन्य महिलाओं ने भी लीला की बात का समर्थन किया। एक स्थानीय निवासी, शांति बाई ने कहा, "प्रसव के समय हमें डर रहता है कि कहीं रास्ते में कुछ हो न जाए। सड़क की हालत इतनी खराब है कि कोई वाहन यहां नहीं आता।"
सांसद का वादा: नवंबर 2024 से जुलाई 2025 तक
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, जो सीधी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रतिनिधि हैं, ने नवंबर 2024 तक सड़क निर्माण शुरू करने का वादा किया था। लीला साहू, जो एक यूट्यूबर हैं और उनके एक मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं, ने अपने वीडियो के माध्यम से इस मुद्दे को बार-बार उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, और सांसद से सड़क निर्माण की मांग की है।
लीला ने अपने ताजा वीडियो में कहा, "सांसद जी ने नवंबर 2024 तक सड़क शुरू करने का वादा किया था, लेकिन अब जुलाई 2025 आ गया, और कोई काम शुरू नहीं हुआ। क्या यह वादा सिर्फ चुनावी जुमला था?"
कमलेश्वर पटेल की प्रतिक्रिया: सरकार पर निशाना
लीला साहू के वीडियो के वायरल होने के बाद, मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलेश्वर पटेल उनके निवास पर उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, "खड्डी खुर्द में लोग वर्षों से सड़क की राह देख रहे हैं। यह 10 किलोमीटर की कच्ची सड़क 30 से ज्यादा गांवों को जोड़ती है, लेकिन यह हर दिन कीचड़ और जोखिम से भरी है।"
कमलेश्वर पटेल ने बताया कि गांव की 6 गर्भवती महिलाओं को हर दिन 6 किलोमीटर पैदल चलकर स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है, क्योंकि न सड़क है और न ही परिवहन की कोई सुविधा। उन्होंने भाजपा सरकार पर इस गंभीर स्थिति को अनदेखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विनम्र निवेदन किया, "कृपया इस सड़क का निर्माण शीघ्र करवाया जाए, ताकि गर्भवती बहनों और ग्रामीण परिवारों को असुविधा न हो।"
20 साल पुरानी समस्या
लीला साहू ने बताया कि खड्डी खुर्द की सड़क की समस्या 20 सालों से चली आ रही है। उन्होंने अपने बघेली बोली में बनाए वीडियो में इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। उनके यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग उनकी हिम्मत और जज्बे की तारीफ कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक यूजर @SidhiNewsMP ने ट्वीट किया, "लीला साहू की आवाज सीधी की जनता की आवाज है। 20 साल से खराब सड़क, और सांसद का वादा भी खोखला। क्या अब भी सरकार जागेगी? #SidhiRoads"
सरकार की योजनाएं और जमीनी हकीकत
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) प्रमुख है। हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के लिए कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें सीधी जिले की 5 सड़कों का निर्माण शामिल है। हालांकि, खड्डी खुर्द की सड़क इस सूची में शामिल नहीं है, जिससे ग्रामीणों में निराशा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश के तहत कई विकास कार्यों की घोषणा की है, जिसमें ग्रामीण सड़कों का निर्माण भी शामिल है। लेकिन खड्डी खुर्द जैसे गांवों में इन योजनाओं का लाभ अभी तक नहीं पहुंचा है।
ग्रामीणों की समस्याएं: गर्भवती महिलाओं का दर्द
खड्डी खुर्द की सड़क की खराब हालत के कारण गांव की 6 गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हैं। उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जो बारिश के मौसम में और भी खतरनाक हो जाता है। स्थानीय निवासी रामलाल कोल ने कहा, "हमारी बहन-बेटियों को प्रसव के समय जान जोखिम में डालनी पड़ती है। सरकार को तुरंत इस सड़क का निर्माण करना चाहिए।"
इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को भी इस सड़क के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहन नहीं चल पाते, जिससे आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस और दमकल वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।
सांसद और सरकार की चुप्पी
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लीला साहू ने अपने वीडियो में सवाल उठाया, "29 की 29 सीटें मध्य प्रदेश में भाजपा को मिलीं, फिर भी हमारी सड़क क्यों नहीं बनी?" यह सवाल न केवल खड्डी खुर्द, बल्कि पूरे सीधी जिले के ग्रामीणों की भावनाओं को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हाल ही में कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया है, लेकिन खड्डी खुर्द की सड़क का मुद्दा अभी तक उनकी प्राथमिकता में नहीं दिखता।
लीला साहू की हिम्मत और उनके वीडियो ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ला दिया है। अब यह सरकार और सांसद की जिम्मेदारी है कि वे अपने वादे को पूरा करें। कमलेश्वर पटेल ने इस मामले को विधानसभा में उठाने का वादा किया है, जिससे इस मुद्दे पर और दबाव बढ़ सकता है।












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