MP News: शिक्षक भर्ती 2025 में अतिथियों और महिलाओं को 50% आरक्षण, जानें परीक्षा की तारीख व सेंटर की जानकारी
"मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025: नवरात्रि में मिला युवाओं को सौगात, 10,756 पदों के लिए 20 अप्रैल से शुरू होगी परीक्षा, अतिथि शिक्षकों और महिलाओं को 50% आरक्षण"
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए इस बार नवरात्रि में एक सुनहरा अवसर आया है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा 20 अप्रैल से प्रदेश भर में 10,756 पदों के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा पहले 15 अप्रैल से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे पांच दिन बढ़ा कर 20 अप्रैल से आयोजित किया जाएगा।
परीक्षा का आयोजन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित 13 शहरों में किया जाएगा, और इसमें लाखों अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में एक अहम बदलाव यह है कि अतिथि शिक्षकों और महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिससे यह परीक्षा ऐतिहासिक बन गई है।

परीक्षा का नया शेड्यूल: 20 अप्रैल से शुरू
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित इस शिक्षक भर्ती परीक्षा का शेड्यूल अब 20 अप्रैल से शुरू होगा। यह परीक्षा प्रदेश के 13 प्रमुख शहरों-भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, बालाघाट, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन-में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए लाखों अभ्यर्थी तैयार हैं, जो अपनी मेहनत और सपनों को साकार करने के लिए इस परीक्षा का हिस्सा बनेंगे।
यह भर्ती परीक्षा मुख्य रूप से माध्यमिक शिक्षकों (विषय, खेल, संगीत-गायन/वादन) और प्राथमिक शिक्षकों (खेल, संगीत-गायन/वादन, नृत्य) के पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
अतिथि शिक्षकों के लिए 50% आरक्षण: नई पहल
इस बार की शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने पहली बार अतिथि शिक्षकों के लिए 50% पद आरक्षित किए हैं। यह आरक्षण उन अतिथि शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने कम से कम तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन सरकारी स्कूलों में पढ़ाया हो। मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) नियम 2018 में हाल ही में किए गए संशोधन के बाद इस निर्णय को लागू किया गया है, जिसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है।
प्रदेश में लगभग 72,000 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जो अब तक भर्ती प्रक्रिया में स्कोर कार्ड के आधार पर 5 से 20 अंक तक का लाभ प्राप्त करते थे। लेकिन अब इन शिक्षकों को 50% आरक्षण मिलेगा, जिससे उनका सपना जल्द साकार हो सकता है। हालांकि, अगर अतिथि शिक्षकों से आरक्षित पद भर नहीं पाए, तो बाकी रिक्तियां अन्य पात्र अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी। एक अतिथि शिक्षक रामेश्वर यादव ने कहा, "यह हमारे लिए सम्मान की बात है। सालों की मेहनत अब रंग लाएगी।"
महिलाओं के लिए 50% आरक्षण: सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम
महिला अभ्यर्थियों के लिए भी इस भर्ती में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब इस भर्ती में सभी श्रेणियों के पदों में 50% आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया गया है। चाहे वह अनारक्षित वर्ग हो या आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC), हर वर्ग में महिलाओं को समान अवसर मिलेगा। इसके अलावा, दिव्यांगजनों के लिए भी 6% पद आरक्षित हैं। यह कदम महिला सशक्तिकरण और समाज में समानता के दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
80,000 खाली पदों का संकट
प्रदेश में वर्तमान में कुल 80,000 शिक्षक पद खाली हैं, जिनमें से 10,756 पदों को इस भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यह भर्ती मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अतिथि शिक्षकों और महिलाओं को प्राथमिकता देकर हम गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" इस भर्ती से खाली पदों के संकट को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा, हालांकि अभी भी बहुत सारे पद खाली हैं, जिन्हें भविष्य में भरा जाएगा।
आरक्षित वर्गों पर भी लागू होंगे नियम
इस भर्ती में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए भी आरक्षित पदों का प्रावधान किया गया है। इन वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित होंगे, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि वे उसी वर्ग से होने चाहिए। इस नीति से सामाजिक न्याय और समान अवसरों की दिशा में एक संतुलन बनाया जा रहा है।
अभ्यर्थियों में उत्साह, गांवों में उम्मीद की किरण
यह खबर जहां मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए उत्साह का कारण बनी है, वहीं यह कुछ दिल दहला देने वाली घटनाओं के बाद आई है, जैसे कि हाल में खुजुरिया में तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत और कोंडावत में आठ लोगों की जहरीली गैस से मृत्यु की घटनाएं। ऐसे में, यह भर्ती गांवों में एक नई उम्मीद की किरण के रूप में उभरी है। एक अभ्यर्थी प्रीति ने कहा, "मेरे लिए यह नौकरी सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि परिवार के लिए सम्मान की बात है। मैं इसे हर हाल में हासिल करना चाहती हूं।"
क्या होगा आगे?
20 अप्रैल से शुरू होने वाली यह परीक्षा न सिर्फ 10,756 शिक्षकों का चयन करेगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ने का काम भी करेगी। अतिथि शिक्षकों और महिलाओं को दिया गया यह आरक्षण भविष्य की भर्तियों के लिए एक मिसाल बन सकता है। हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या यह कदम खाली पदों के संकट को पूरी तरह से खत्म कर पाएगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल लाखों अभ्यर्थी अपनी तैयारी में जुटे हैं और गांव से शहर तक एक नई उम्मीद की लहर दौड़ रही है।












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