पन्ना की ‘रानी' बाड़े से निकलकर फ्री रेंज में घूम रही, शिवपुरी के जंगल में अब तीन बाघ
पन्ना के जंगलों पर स्वच्छंद विचरण करने वाली बाघिन को अब नया घर मिल गया है। माधव नेशनल पार्क के बाड़े में 12 दिन रहने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया है।

पन्ना के जंगलों में करीब दो साल तक राज करने वाली बाघिन 'रानी' अब शिवपुरी के जंगलों पर राज करेगी। शनिवार को उसे टाइगर बाड़े से आजाद कर फ्री रेंज यानी जंगल में छोड़ दिया गया है। माधव नेशनल पार्क में उसे 14 मार्च 2023 को पन्ना से शिफ्ट किया गया था। करीब 12 दिन तक बाड़े में क्वारेंटीन में रखने के बाद उसका स्वभाव और स्वास्थ्य सामान्य होने के बाद उसे स्वच्छंद विचरण के लिए खुले जंगल में छोड़ा गया है।

टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में 14 मार्च 2023 को पन्ना की बाधिन को बाडे़ में छोड़ा गया था। इसके पूर्व 10 मार्च को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई बाघिन और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लाए युवा नर बाघ को सीएम शिवराज सिंह चैहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अलग-अलग बाड़ों में छोड़ था। 21 मार्च को नर टाइगर तो दो दिन पहले बांधवगढ़ की बाघिन को बाड़े से जंगल में छोड़ दिया गया था। शनिवार को सुबह पन्ना की बाघिन के बाड़े को भी खोल दिया गया था। बाघिन दोपहर तक गेट की तरफ नहीं गई, हालांकि दोपहर बाद शाम करीब 4.15 बजे बाघिन टहलते हुए गेट को क्राॅस कर बड़े आराम से मदमस्त कदमों से चलते हुए फ्री रेंज अर्थात जंगल में चली गई।
अब तीन बाघ खुले जंगल में आजाद, जल्द बढ़ाएंगे कुनबा
टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में अब तीन बाघ खुले जंगल में आजाद विचरण कर रहे हैं। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही नर बाघ दोनों बाघिनों के साथ अपना कुनबा बढ़ाएगा। बता दें कि पूर्व में पन्ना टाइगर रिजर्व, सागर के नौरादेही सहित अन्य अभयारण्यों में टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत बाघों को सफलता पूर्वक बसाया जा चुका है। उम्मीद है माधव नेशनल पार्क में भी यह प्रोजेक्ट जल्द ही सफल होगा और बाघों का कुनबा बढ़ सकेगा।












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