Labour Day 2022 : मजदूर का बेटा बना जज, सब्जी का ठेला लगाने के साथ पढ़ाई करता था शिवाकांत कुशवाहा
सतना, 1 मई। आज मजदूर दिवस है। इससे ज्यादा प्रेरणादायिक स्टोरी क्या होगी कि एक मजदूर जज बन गया। वो भी टॉप रैंक हासिल करके। इसका उदाहरण है MPHC Civil Judge Exam 2022 का रिजल्ट।
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शिवाकांत कुशवाहा ओबीसी वर्ग में दूसरा स्थान
मध्य प्रदेश सिविल जज परीक्षा में शिवाकांत कुशवाहा ओबीसी वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया है। परिणाम हाल ही जारी हुआ। शिवाकांत को चार बार असफलता हाथ लगी, मगर इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पांचवीं बार में जज बन गए।

शिवाकांत कुशवाहा के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
बता दें कि शिवाकांत कुशवाहा के परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। पिता कुंजी लाल कुशवाहा मजदूरी करके पूरे परिवार का भरण पोषण करते हैं। खुद शिवाकांत सब्जी का ठेला लगाया करता था।

शिवाकांत कुशवाहा तीसरे नंबर के
तीन भाई बहनों में शिवाकांत कुशवाहा तीसरे नंबर के हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शिवाकांत पढ़ाई के साथ-साथ ठेले पर सब्जी भी बेचता था। कैंसर के कारण मां का साल 2013 में निधन हो चुका है।

कोर्ट में प्रैक्टिस भी की
शिवाकांत कुशवाहा स्कूल टाइम से ही होनहार रहे हैं। रीवा के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की। इसके बाद कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी। साथ-साथ सिविल जज परीक्षा की तैयारी करता रहा। चार बार फेल होने के बाद पांचवीं बार ओबीसी वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

पत्नी मधु कुशवाहा निजी स्कूल में टीचर
बता दें कि शिवाकांत कुशवाहा शादीशुदा हैं। इनकी पत्नी मधु कुशवाहा निजी स्कूल में पढ़ाती है। शिवाकांत खुद 18-18 घंटे परीक्षा की तैयारी किया करते थे। पढ़ाई करने के लिए दूसरे घर चले जाते थे पहले तो मैं मदद नहीं करती थी।

पत्नी पकड़ती थी गलतियां
जब वह मेंस पेपर देकर कॉपी लेकर आते थे उनकी राइटिंग इतनी अच्छी नहीं थी। मैं कापी चेक करती थी और जहां गलती होती थी वहां गोला लगा देती थी।












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