MP बन रहा सीखकर कमाने वाले युवाओं का प्रदेश, सीएम शिवराज की बरस रही छप्पर फाड़कर सौगातें
Seekho kamao yojana: मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवकों की जिंदगी में पल रहे सुनहरे सपनों को साकार करने की दिशा में शिवराज सरकार ने एक और कदम बढ़ाया हैं। जनसेवा मित्र इंटर्नशिप योजना के तहत युवा 'सीखकर कमाने की दिशा' में आगे बढ़ रहे हैं। चयनित प्रतिभागियों को 6 माह की ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड भी दिया जा रहा हैं।
इससे पहले सरकारी नौकरियों की बंपर वेकेंसी निकाली गई थी। एक लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने के लक्ष्य में लगभग 55 हजार भर्तियां हो चुकी हैं। शेष भर्तियां 15 अगस्त तक हो जाएगी। इसके अलावा युवाओं के लिए सरकार ने एक विकल्प 'सीखो-कमाओं' के रूप में दिया हैं।
कौशल उन्नयन, रोजगार को बढ़ावा देने के मकसद से लॉन्च की गई इस योजना के जरिए युवाओं को हर माह 8 हजार रुपये से 10 हजार रुपये देने का प्रावधान हैं। पात्रता की शर्तों के तहत युवा 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम की कल्पना को साकार करने सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिसमें अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान महत्पूर्ण भूमिका निभा रहा हैं।

पहले चरण में करीब 5 हजार युवाओं को प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की यह महत्वकांक्षी योजना युवाओं को बहुत पसंद आई। फरवरी माह में जब पहला चरण शुरू हुआ, युवाओं में इंटर्न करने गजब का उत्साह देखने को मिला। हजारों आवेदन हुए। जिनमें से 4592 युवाओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयन हुआ था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह राजधानी भोपाल में ही एक कैंप आयोजित कर सीखने के द्वार खोल दिए। फर्स्ट फेज में चयनित युवा, आज दुनिया की नामी-गिरामी हावर्ड्स, अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन जैसी कंपनियों में ट्रेनिंग ले रहे हैं। गांव से लेकर शहर तक संबंधित कंपनियों के कार्यों, तकनीक में पारंगत होते जा रहे हैं।
पब्लिक का सहारा बने प्रशिक्षित युवा
खास बात यह भी हैं कि कौशल, उन्नयन के क्षेत्र की विभिन्न विधाओं से रु-बरु होने के बाद युवा शासन और आम जनता के लिए बड़ा सहारा बनते जा रहे हैं। बेहतर ढंग से जनता से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा रहा है। साथ ही संबंधित जरूरतमंद व्यक्ति को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में भी मदद की जा रही हैं। ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान शुरू में 8 हजार वेतन था, लेकिन काम में रूचि और लगन देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्टाइपेंड बढ़ाकर 10 हजार कर दिया।
योजना का अब फेज टू शुरू
लर्न एंड अर्न' योजना ने युवाओं को इतना प्रभावित किया कि सरकार इसका दूसरा चरण शुरू करने मजबूर हो गई। युवाओं को आगे बढ़ाने का लक्ष्य भी निर्धारित है, लिहाजा सीएम शिवराज ने फिर अपने दिल के दरवाजे के खोल दिए। स्नातक डिग्री हासिल कर चुके 18 से 29 साल के युवाओं को इन योजना में शामिल होने का एक और अवसर दिया हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अवधि 10 जुलाई तक रखी गई हैं। फिर सभी आवेदनों की स्कूटनी होगी। पात्रता की शर्त के हिसाब पहले चरण की तर्ज पर प्रशिक्षण के लिए युवाओं का चयन होगा। तय मापदंडों के मुताबिक चयनित युवाओं को विभिन्न कंपनियों में अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण लेने का मौका मिलेगा। इसके बदले में सरकार प्रतिमाह 8 हजार रुपये स्टाइपेंड देगी।












Click it and Unblock the Notifications