MP News: उच्च न्यायालय का अहम फैसला: अतिथि शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता से राहत
MP News: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इस फैसले से हजारों अतिथि शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें अब आवेदन करते समय अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।
कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि अब वे अतिथि शिक्षक भी परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे, जिनके पास तीन शैक्षणिक सत्र में 200 दिन का शिक्षण अनुभव पूरा नहीं हुआ है। हालांकि, उन्हें दस्तावेज सत्यापन के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

ईएसबी द्वारा लागू किया गया नया नियम
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने इस बार की भर्ती में नया नियम लागू किया था, जिसमें आवेदन के समय अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि, पिछली भर्तियों में ये दस्तावेज काउंसलिंग के समय मांगे जाते थे। इस नए नियम के खिलाफ सिवनी के सुनीता कटरे, कृष्णकांत शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
कोर्ट में दी गई दलीलें
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि परीक्षा रूल बुक की धारा 12(6) के अनुसार योग्यता से जुड़े दस्तावेज काउंसलिंग के समय ही जमा किए जा सकते हैं। अधिवक्ता धीरज तिवारी और ईशान सोनी ने यह भी तर्क दिया कि भर्ती प्रक्रिया में आवेदन के समय अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्यता संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन करती है।
कोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय सुनाया और भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अधीन कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब अतिथि शिक्षक बिना अनुभव प्रमाण पत्र के भी "YES" विकल्प चुनकर आवेदन कर सकेंगे।
फैसले का लाभ
यह निर्णय उन अतिथि शिक्षकों के लिए फायदेमंद होगा, जिन्होंने वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 200 दिन और तीन सत्रों की न्यूनतम अनुभव शर्त पूरी की है। वे अब दस्तावेज सत्यापन के समय अपना प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे, जबकि पहले उन्हें आवेदन के समय प्रमाण पत्र अपलोड करना पड़ता था।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल को शिक्षक चयन परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया में बदलाव करना होगा, ताकि अतिथि शिक्षक बिना अनुभव प्रमाण पत्र के "YES" विकल्प चुनकर आवेदन कर सकें।
भर्ती प्रक्रिया की निरंतरता
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया याचिका के अधीन है, यानी कोर्ट के फैसले के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। अब आवेदन प्रक्रिया में बदलाव के बाद, अतिथि शिक्षक अपने आवेदन कर सकेंगे और भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।












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