'सुरक्षा के मोर्चे पर भारत 'भाग्यशाली' नहीं, दुश्मनों से रहें सतर्क', रक्षा मंत्री राजनाथ ने जवानों से कहा
Rajnath Singh News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को भारत को सुरक्षा के मोर्चे पर 'बहुत भाग्यशाली नहीं' राष्ट्र नहीं है। उन्होंने सैनिकों से आंतरिक और बाहरी दुश्मनों पर कड़ी नजर रखने का आग्रह किया। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ ने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में दो शताब्दी से अधिक पुरानी महू छावनी में सैन्य कर्मियों को संबोधित करते हुए कही।
मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आए राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारत बहुत भाग्यशाली देश नहीं है, क्योंकि हमारी उत्तरी सीमा और पश्चिमी सीमा लगातार चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है।

उन्होंने सैनिकों से कहा कि हमें आंतरिक मोर्चे पर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पृष्ठभूमि में हम बेफिक्र होकर चुपचाप नहीं बैठ सकते। हमारे दुश्मन, चाहे आंतरिक हों या बाहरी, हमेशा सक्रिय रहते हैं। इन परिस्थितियों में हमें उनकी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए और उनके खिलाफ़ उचित और समय पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर देश बनाने के लिए सेना की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के रक्षा मंत्री के रूप में मैं आपसे कहना चाहूंगा कि हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। इस समय को, जिसे अक्सर शांतिकाल कहा जाता है।
जब मैं यहां आया और जिस अनुशासन और समर्पण के साथ आप प्रशिक्षण ले रहे हैं, उसे देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। आपका प्रशिक्षण किसी युद्ध से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुशासन के इस स्तर को बनाए रखने के लिए समर्पण और दृढ़ विश्वास की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि वह देश भर में सैन्य प्रतिष्ठानों और छावनियों में साफ-सफाई देखकर प्रभावित हुए हैं। कहा कि काम के प्रति आपकी लगन मुझे प्रेरित करती है। मैं कह सकता हूं कि सबसे आकर्षक बात है काम के प्रति आपकी लगन और जिम्मेदारी की भावना। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
सेना के जवानों से राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण देश और इसकी सीमाएं लगातार सुरक्षित और मजबूत होती जा रही हैं। साथ ही, सैन्य रणनीतियों और युद्ध कौशल में निपुण बनाने में भारतीय सेना के प्रशिक्षण संस्थानों के बहुमूल्य योगदान की भी सराहना की।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने इंदौर से 25 किलोमीटर दूर महू छावनी में आर्मी वॉर कॉलेज (AWS), मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इन्फैंट्री स्कूल के अलावा इन्फैंट्री म्यूजियम और आर्मी मार्कस्मैनशिप यूनिट जैसे प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान का दौरा किया।












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