MP News: बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम: रेवेन्यू ओरिएंटेड ड्राइव, ढाई हजार से अधिक लोकेशन होंगी महंगी
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। राज्य में राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से 6 नवंबर को संपत्तियों की नई गाइडलाइन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इस निर्णय के बाद ढाई हजार से अधिक लोकेशनों पर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ जाएंगे। रेवेन्यू ओरिएंटेड ड्राइव के तहत इन लोकेशनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और स्टाम्प शुल्क में वृद्धि की जाएगी।

कैसे तय होंगे नए रेट?
मध्य प्रदेश के जिलों में कलेक्टरों द्वारा पहचानी गई उन लोकेशनों पर, जहां हाल के समय में रजिस्ट्रियां अधिक हुई हैं, संपत्तियों के दाम बढ़ाए जाएंगे। इन लोकेशनों को पहचानने का काम कलेक्टरों द्वारा किया गया है। इन प्रस्तावों को 5 नवंबर तक पंजीयन और मुद्रांक विभाग के पास भेजा जाएगा, और 6 नवंबर को केंद्रीय मूल्यांकन समिति इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी देगी।
प्रभावित क्षेत्र
अब तक जिन क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, उन क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है। यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न लोकेशनों पर की जाएगी। खासकर, उन क्षेत्रों में जहां रजिस्ट्री की संख्या ज्यादा रही है, वहां दाम बढ़ाने की संभावना है।
रेवेन्यू ओरिएंटेड ड्राइव के उद्देश्य
राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है। सरकार का कहना है कि संपत्ति के दाम बढ़ाने से स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी इजाफा होगा, जिससे सरकार की आमदनी बढ़ेगी। हालांकि, इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा, क्योंकि रजिस्ट्री के लिए उन्हें महंगे दामों पर संपत्ति खरीदनी पड़ेगी।
साल में दो बार बढ़ेंगे दाम
अब तक, हर साल एक बार ही संपत्तियों के दामों में बढ़ोतरी होती थी, लेकिन नए नियमों के तहत यह बढ़ोतरी साल में दो बार होगी। इसका मतलब है कि कलेक्टर गाइडलाइन के तहत हर साल दो बार संपत्ति की कीमतों में बदलाव होगा, जो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डालेगा।
अर्थव्यवस्था पर असर
इस फैसले से राज्य सरकार को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, लेकिन इससे आम जनता के लिए जमीन और घर खरीदना मुश्किल हो सकता है। खासतौर पर मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों के लिए यह फैसला मुश्किलें बढ़ा सकता है।
राज्य के प्रमुख जिलों में प्रस्तावित बढ़ोतरी
- रीवा जिले में 3940 लोकेशनों में से 79 लोकेशनों पर कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
- इंदौर जिले में 469 लोकेशनों पर रेट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जहां 0 से लेकर 31% तक की वृद्धि हो सकती है।
- इसके अलावा, नए क्षेत्रों को भी कलेक्टर गाइडलाइन में जोड़ा जा रहा है, जिससे इन लोकेशनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी।
नए प्रस्तावों की मंजूरी
सभी जिलों से आए इन प्रस्तावों को पंजीयन और मुद्रांक विभाग के पास 5 नवंबर तक भेजा जाएगा। 6 नवंबर को केंद्रीय मूल्यांकन समिति इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी देगी, जिसके बाद राज्य में संपत्ति के दाम बढ़ जाएंगे।
भोपाल: 243 लोकेशन पर दाम बढ़ाने का प्रस्ताव
भोपाल में कुल 3883 लोकेशनों में से 243 ऐसी लोकेशनों की पहचान की गई है जहां ज्यादा रजिस्ट्री हो रही हैं। इन लोकेशनों पर प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव भोपाल कलेक्टर ने जिला मूल्यांकन समिति की बैठक के दौरान पेश किया है। यह प्रस्ताव आईजी, पंजीयन और मुद्रांक विभाग को भेजा जा चुका है। अगर प्रस्ताव मंजूर होते हैं, तो इन 243 लोकेशनों पर रेट बढ़ेंगे।
सागर: 71 लोकेशनों पर दाम बढ़ेंगे
सागर जिले में 71 लोकेशनों पर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। इनमें भैंसा, सिद्धगुआं, गुणा, लहदरा, बम्होरी रेंगुआ, बदौना, पथरिया जाट जैसे इलाकों के साथ-साथ सागर शहर के आसपास के कई क्षेत्रों में भी दाम बढ़ाए जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई लोकेशनों पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जैसे सत्ता ढाना, नंदन वारा, महुना गुर्जर, पराशरी कला, जालंधर, कोलुआ, तिली माफी आदि।
उज्जैन: सिंहस्थ के कारण बढ़ेगा प्रॉपर्टी कारोबार
उज्जैन में भी प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। सिंहस्थ 2028 के कारण उज्जैन में प्रॉपर्टी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। जिले में 70 लोकेशनों पर गाइडलाइन से अधिक कीमतों पर जमीन खरीदी हो रही है। इसके अलावा, जिले में 300 से ज्यादा लोकेशन पर रेट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना को देखते हुए प्रॉपर्टी कारोबार में वृद्धि हो रही है।
ग्वालियर: 137 लोकेशनों पर 5% से 100% तक बढ़ोतरी
ग्वालियर में कुल 2321 लोकेशनों में से 137 लोकेशनों पर 5 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना है। ग्वालियर में कुछ इलाकों में 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी भी देखी जा रही है, जो रियल एस्टेट बाजार में बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है। यह बढ़ोतरी उन क्षेत्रों में की जा रही है जहां पिछले कुछ समय में प्रॉपर्टी का कारोबार तेजी से बढ़ा है।
क्या होगा प्रभाव?
सरकार द्वारा की जा रही इस मूल्यवृद्धि से रियल एस्टेट कारोबार में राजस्व बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। प्रॉपर्टी खरीदने वालों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी, जिससे मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों के लिए घर खरीदना और भी कठिन हो जाएगा। हालांकि, इन बढ़ी हुई कीमतों से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जो विकास कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है।












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