सिमी आतंकियों के एनकाउंटर पर राजनीति, पढ़िए किस-किस ने उठाए हैं सवाल

सबसे पहले दिग्विजय ने उठाए एनकाउंटर पर सवाल। उसके बाद विरोधी नेताओं नें मिलाए सुर में सुर।

दिल्ली। सोमवार की सुबह मध्य प्रदेश में आठ सिमी आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद इस पर राजनीति शुरू हो चुकी है।

एक तरफ जहां मध्य प्रदेश की भाजपा शासित शिवराज सरकार और पुलिस इस एनकाउंटर पर लगातार अपनी पीठ थपथपा रही हैं, वहीं विरोधी दलों के कई नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं।

एनकाउंटर के वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ ऐसा है जिनसे पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं और नेता इसकी भी जांच की मांग कर रहे हैं।

leaders opposing encounter

मुठभेड़ के बाद सबसे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बयान का बम फोड़ा। जिसके बाद इस एनकाउंटर पर अन्य नेताओं के भी बयान सामने आने लगे। आइए जानते हैं, किसने क्या कहा।

दिग्विजय सिंह, कांग्रेस नेता

दिग्विजय सिंह, कांग्रेस नेता

जब भोपाल के सेंट्रल जेल से सिमी आतंकियों के भागने की खबर आई, उसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस जेलब्रेक पर सवाल खड़ा करते हुए ट्वीट किया।

दिग्विजय ने लिखा कि वे सरकारी जेल से भागे हैं या किसी योजना के तहत भगाए गए हैं। यह जांच का विषय होना चाहिए। उन्होने 2013 के खंडवा जेलब्रेक का उदाहरण देते हुए कहा कि हर बार सिमी से संबंधित कैदी ही क्यों भागते हैं।

एनकाउंटर की खबर के बाद दिग्विजय ने इस पर सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या कैदियों के पास हथियार थे?

एनकाउंटर का वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर दिग्विजय सिंह ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। दिग्विजय ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश की है। उन्होंने पूछा है कि जेल से आखिर मुस्लिम ही क्यों भागते हैं, हिंदू क्यों नहीं?

कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता

कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता

मध्य प्रदेश के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी दिग्विजय सिंह के सुर में सुर मिलाते हुए इस जेलब्रेक मामले में न्यायिक जांच की मांग की है।

कमलनाथ ने कहा, 'सभी मर चुके हैं इसलिए अब हमें कोई जानकारी नहीं मिल सकती। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए कि आखिर कैसे सभी जेल से भाग गए।'

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा कि जेल से आतंकी कैसे भागे, इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि सिंधिया ने आतंकियों का सफाया करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की तारीफ की।

अरविंद केजरीवाल, आप नेता

अरविंद केजरीवाल, आप नेता

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आप नेताओं ने भी इस एनकाउंटर को फर्जी बताया है। केजरीवाल ने एनकाउंटर को फेक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन पर निशाना साधा है।

केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा - यह मोदी राज है: फर्जी मुठभेड़, फर्जी मामले, रोहित वेमुला, केजी बंसल, गायब नजीब, दलितों पर अत्याचार, एबीवीपी की गुंडागर्दी, आरएसएस, गौरक्षक।

आप नेता आशुतोष ने इस जेलब्रेक में शहीद हुए हेड कांस्टेबल रमाशंकर की मौत को संदेहास्पद बताया है।

आप विधायक अलका लांबा ने एनकाउंटर की आलोचना करते हुए कहा कि आतंकी मारे गए, ये तो अच्छा हुआ लेकिन आठ आतंकी एक साथ भागे और कुछ घंटों बाद ही एनकाउंटर में मारे गए, लगता है सरकार के पास इसके लिए व्यापम फॉर्मूला भी था।

वृंदा कारत, सीपीएम नेता

वृंदा कारत, सीपीएम नेता

सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा कारत ने इस एनकाउंटर का विरोध कर रहे नेताओं का समर्थन करते हुए हाई कोर्ट के जज से मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

वृंदा कारत ने कहा, 'राज्य सरकार ने एनकाउंटर की जो कहानी कही है, वह संदेहजनक और विरोधाभासों से भरी है। पहले तो सरकार ने कहा कि उनके पास कुछ सामान थे, लेकिन उसके बाद कहा कि उनके पास बंदूकें थीं।'

वृंदा कारत ने सिमी से जुड़े कैदियों को आंतकी कहने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वे अंडरट्रायल थे, उनका अपराध साबित नहीं हुआ था। हाई कोर्ट के जज से इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

सीपीएम नेता प्रकाश कारत ने भी कहा कि जिस तरह से लोग जेल से भागे और पता लगाकर उनको मारा गया, इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए।

भाजपा ने हो रही आलोचना पर क्या कहा

भाजपा ने हो रही आलोचना पर क्या कहा

भाजपा ने विरोधी दलों के नेताओं के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि उनको आतंकियों से सहानुभूति है।

भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, 'दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश पुलिस की पीठ थपथपानी चाहिए। आतंकियों के लिए उनके अंदर सहानुभूति है।'

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मध्य प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई की तारीफ की और विरोधी दलों के नेताओं के आरोपों को खारिज किया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यंमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले नेता वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं। उनको कांस्टेबल रमाशंकर की शहादत नहीं दिखती है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर जवाब देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछा है कि क्या दिग्विजय पार्टी लाइन के हिसाब से बोल रहे हैं? मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर देश को एक सुर में बोलना चाहिए।

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