MP Latest News: ऑनलाइन गैंबलिंग पर लगेगी रोक, CM शिवराज बोले- मध्यप्रदेश जुआ अधिनियम 2023 बनाया जाएगा
मध्यप्रदेश में अब ऑनलाइन गैंबलिंग पर रोक लग सकेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जुआ अधिनियम 1876 को बदलने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इसके स्थान पर जुआ अधिनियम 2023 बनाया जाएगा।

MP Latest News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कानून व्यवस्था को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में सीएम ने बड़ा फैसला करते हुए बताया कि ऑनलाइन गैंबलिंग पर रोक लगाने के लिए अब मध्यप्रदेश में वर्तमान जुआ अधिनियम के स्थान पर मध्य प्रदेश जुआ अधिनियम 2023 बनाया किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक करने के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि ऑनलाइन गैंबलिंग बड़ी समस्या है। मध्यप्रदेश में वर्तमान जुआ अधिनियम 1876 का है, इसमें ऑनलाइन गैंबलिंग के विरूद्ध कोई प्रावधान नहीं है। हमने फैसला किया है कि वर्तमान जुआ अधिनियम के स्थान पर मध्यप्रदेश जुआ अधिनियम 2023 बनाया जाएगा। नए अधिनियम में ऑनलाइन गैंबलिंग के खिलाफ पर्याप्त प्रावधान सम्मिलित किए जाएंगे, ताकि ऐसे अपराधियों को भी हम दंडित कर सकें।
अवैध मदरसों के रिव्यू करने के निर्देश
बता दे सीएम शिवराज ने बुधवार सुबह कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को राज्य में चल रहे अवैध मदरसों का रिव्यू करने के निर्देश दिए। साथ ही कट्टरता और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के बाद गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी अधिकारियों से जेएमबी और पीएफआई जैसे संगठनों पर सख्त नजर रखने को कहा है।
कट्टरता और अतिवाद बर्दाश्त नहीं: CM
सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश के जिन अवैध मदरसों, संस्थानों में रिव्यू किया जाएगा, वहां कट्टरता और अतिवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी सोशल मीडिया पर नजर रखें। भ्रामक खबरें संवेदनहीन विषय वस्तु और कट्टरवाद बढ़ाने वाले कमेंट लिखने वालों को पहचाने और आवश्यक कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा नियम में पुलिस के पक्ष को अच्छे से देख लें और रिव्यू कर लें जल्द ही DFO के साथ बैठक करेंगे।
गठित अपराध पनपने नहीं दिए जाएंगे: गृहमंत्री
बैठक के बाद मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर जेएमबी और पीएफआई जैसे संगठनों पर भी सख्ती से नजर रखी जाएगी। संगठित अपराध पनपने नहीं दिए जाएंगे। मिश्रा ने कहा कि सीएम ने साफ कहा है कि अहाते बंद मतलब बंद होने चाहिए। कानून व्यवस्था संबंधी बैठक के बाद सीएम ने रीवा में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर भी अफसरों से चर्चा की और किसी तरह की लापरवाही की स्थिति ना बनने देने के निर्देश दिए हैं।
CM की बैठक से पहले DGP ने अफसरों के साथ की थी मीटिंग
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इधर मुख्यमंत्री की कानून व्यवस्था को लेकर आज हुई बैठक से एक दिन पहले बीजेपी सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में एडीजी रैंक के अफसरों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद डीजीपी ने इंटेलिजेंस के अफसरों के साथ भी लंबी चर्चा की। कल शाम को करीब 4 बजे से डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय के अधिकांश ADG को बुलाया और लंबी बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य बजट आवंटन को लेकर था, लेकिन इसमें आज हुई मुख्यमंत्री के साथ बैठक को लेकर भी चर्चा की गई थी। इस बैठक के बाद इंटेलिजेंस के अफसरों के साथ भी डीजीपी की लंबी बैठक चली। इस बैठक को लेकर भी यही माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की समीक्षा की बैठक से पहले पूरे प्रदेश की स्थिति को लेकर DGP और इंटेलिजेंस के अफसरों ने रिव्यू किया है।
सीएम ने एमपी पुलिस की जमकर तारीफ की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के दौरान कानून व्यवस्था में कसावट के मामले में की गई अच्छी कार्रवाई के लिए एमपी पुलिसकर्मियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने नक्सल के खिलाफ बालाघाट में हुई कार्यवाही की विशेष तौर पर प्रशंसा की। साथ ही बुरहानपुर में अतिक्रमण हटाने त्योहारों पर पुलिस की मुस्तैदी और त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस अधिकारी त्वरित एक्शन में पीछे ना रहे सीएम ने कहा कि एमपी पुलिस कानून व्यवस्था के मामले में देश में नंबर वन बनने की क्षमता रखती है। इसलिए काम में लगातार सुधार किया जाए।












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