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MP News: भोपाल में 10वीं-12वीं के पेपर लीक के झांसे में छात्रों से ठगी करने वाला भिंड से गिरफ्तार

Bhopal News: भोपाल में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो टेलीग्राम एप के माध्यम से एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के पेपर लीक करने का झांसा देकर छात्रों से ठगी कर रहा था। आरोपी की पहचान शिवम यादव के रूप में हुई है, जो भिंड जिले का रहने वाला है।

साइबर क्राइम विंग की टीम ने आरोपी को भिंड से गिरफ्तार कर भोपाल लाया। आरोपी टेलीग्राम पर पेपर लीक के नाम पर छात्रों से 1,000 से 2,000 रुपए तक की रकम ठग रहा था, और अब तक उससे ठगी करने वाले 100 छात्रों की जानकारी सामने आ चुकी है।

One who cheated students on the pretext of 10th-12th paper leak in Bhopal arrested from Bhind

किस प्रकार छात्रों को ठगा गया?

आरोपी ने टेलीग्राम पर तीन ग्रुप बनाए थे, जिन पर माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPSSE) का लोगो लगा हुआ था। इस लोगो से छात्रों को भ्रमित किया जाता था, ताकि वे यह सोचें कि यह असली पेपर लीक ग्रुप है। इन ग्रुपों से जुड़ने वाले छात्रों को आरोपी ने पेपर लीक होने का झांसा देकर सैंपल पेपर भेजे, और इसके बदले छात्रों से एक से दो हजार रुपए की ठगी की। आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान को मजबूती देने के लिए इन ग्रुपों में एमपी बोर्ड के असली पेपर लीक का दावा किया था।

आरोपी की पृष्ठभूमि और उसकी योजना

शिवम यादव की पिछली पृष्ठभूमि भी संदिग्ध है। पिछले साल उसने 12वीं परीक्षा में सप्लीमेंट्री (कंपार्टमेंट) ली थी। यह तथ्य इस बात को भी दर्शाता है कि आरोपी खुद शिक्षा प्रणाली के बारे में असंतुष्ट था और अपने द्वारा किए गए अपराध को छुपाने के लिए छात्रों के भ्रम का फायदा उठा रहा था। आरोपी ने टेलीग्राम पर एमपी बोर्ड 12वीं के पेपर लीक करने के नाम से ग्रुप बनाए थे, जिनका नाम था "एमपी बोर्ड क्लास 12वीं पेपर लीक" और "एमपी बोर्ड पेपर ऑफिशियल"।

किस प्रकार आरोपी ने ठगी की?

आरोपी पेमेंट के रूप में QR कोड के माध्यम से पैसे लेता था। इसके बाद, छात्रों को पर्सनल वॉट्सएप चैट के जरिए फर्जी सैंपल पेपर भेजे जाते थे। आरोपी ने इन फर्जी पेपरों के जरिए छात्रों से पैसे कमाए और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे असली बोर्ड परीक्षा के पेपर हैं। इससे आरोपी को बहुत फायदा हुआ, लेकिन छात्रों को न केवल पैसों का नुकसान हुआ बल्कि उनकी मेहनत भी व्यर्थ चली गई।

साइबर विंग की कार्रवाई और भविष्य की रणनीति

साइबर क्राइम विंग ने आरोपी के खिलाफ एक मजबूत कार्रवाई की और उसकी गिरफ्तारी के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और दो एटीएम कार्ड भी जब्त किए। पुलिस अब आरोपी के खातों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन-किन छात्रों से ठगी की है।

आगे की योजना और पीड़ित छात्रों की मदद

एडिशनल डीसीपी क्राइम शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कुछ दिन पहले ही माशिमं (मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल) ने ऐसे ग्रुपों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस और साइबर क्राइम विंग ने एक टीम गठित कर ग्रुप चलाने वालों को ट्रेस करना शुरू किया। फिलहाल, और भी कई ग्रुप्स के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जो छात्रों को फर्जी पेपर बेच रहे हैं।

यदि किसी छात्र को इस तरह के फर्जी पेपर लीक करने का दावा करने वालों के बारे में जानकारी मिले, तो वे 9479990636 या 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। पुलिस इस मामले में और भी बड़े अपराधियों का खुलासा करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।

आरोपी का तरीका और उसके जाल का खुलासा

आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने टेलीग्राम पर इस प्रकार के ग्रुपों को देखने के बाद पेपर लीक के नाम पर छात्रों को ठगने की योजना बनाई थी। उसने पहले से यह ग्रुप बना लिया था और फिर उसे फर्जी पेपर बेचने का माध्यम बनाया। अब पुलिस उन बाकी ग्रुप्स का पता लगाने के लिए काम कर रही है जिनसे अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

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