Hit and Run Law: दूसरे दिन भी पेट्रोल के लिए लंबी लाइन, हिट एंड रन के विरोध चलते दूध के लिए भी परेशान हुए लोग
Bhopal News: मध्यप्रदेश में ट्रक और बस ड्राइवरों की हड़ताल ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों के हालात को बिगाड़ दिया है। भोपाल में दूसरे दिन भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतिबंध लाइनें देखी गई हैं, जहां लोग पेट्रोल भरवाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा दूध के लिए लोग परेशान नजर आए।
मंगलवार को मध्यप्रदेश में बस और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल ने अपनी शक्ति बनाए रखी है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश जिलों में बसें और ट्रक ठप्प हैं। इससे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य शहरों के बस स्टैंड से बसें नहीं चल रही हैं। इंदौर में करीब 900 बसें बंद हैं, जिससे यात्री परेशानी में हैं।

इस हड़ताल का कारण है ड्राइवर हिट एंड रन मामले में नए कानून का विरोध, जिसमें 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए का जुर्माना है। इस विरोध के चलते सोमवार को कई जगहों पर चक्काजाम भी किया गया है और रविवार रात 2 बजे से ट्रकों को खड़ा कर दिया गया है। हड़ताल में ट्रांसपोर्टर्स नहीं, बल्कि केवल ड्राइवर्स ने हिस्सा लिया हैं।
दूध की 35 % सप्लाई
भोपाल में दूध की 35% सप्लाई प्रभावित हो गई है, जिससे नगरवासियों को दूध की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सांची और अमूल दूध की सप्लाई जारी है, लेकिन कुछ इलाकों में दूध पहुंचाने में दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं।
दुग्ध संघ ने नगरीय वाहनों का सहारा लेकर दूध को इकट्ठा किया और फैक्ट्री तक पहुंचाया है, लेकिन सुबह के लिए ड्राइवर्स की कमी के कारण यह प्रक्रिया मुश्किल हो रही है। कलेक्टर की मदद से कई ड्राइवर्स को बुलाया गया है और उन्हें इस आपातकालीन स्थिति में सहायता करने के लिए मोबाइल दूध वाहनों का सही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
राजधानी में, सांची दूध की प्रतिदिन सप्लाई करीब ढाई लाख लीटर है, जबकि अमूल दूध की खपत 70 हजार लीटर प्रतिदिन है। खुले दूध की मांग प्रतिदिन 6 से 8 लाख लीटर तक है, जिसे पूरा करने के लिए दुग्ध संघ ने सभी ड्राइवर्स से सहयोग की अपील की है।
दूध की सप्लाई को सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावित कदमों की जांच कर रहे हैं और नगरीय इलाकों में दूध की पहुंचान को निगरानी में रख रहे हैं।
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हड़ताल को समस्या का हल नहीं माना और ड्राइवरों से बातचीत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा, "हड़ताल समस्या का हल नहीं है। ड्राइवरों को इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। कोई कानून बनाया गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि तुरंत दंडित ही किया जाएगा। लोगों की परेशानी को ध्यान में रखना चाहिए।"
मुख्य सचिव वीरा राणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों का हाल जानने के लिए उन्होंने कलेक्टरों को हड़ताल के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
विभिन्न स्थानों पर हुए जाम और उनसे उत्पन्न समस्याएं बताई गई हैं:
- धार: मुंबई-आगरा हाईवे पर चक्काजाम हुआ, जिससे वाहनों में लोगों को परेशानी हुई। जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई थी।
- खंडवा: ड्राइवरों ने चक्काजाम किया, जिससे आवागमन के साधन नहीं मिलने से यात्री परेशान होते रहे।
- बैतूल: बस स्टैंड से कोई भी बस बाहर नहीं निकली, डंपर चालक भी विरोध में उतरे।
- पन्ना:बस-ट्रक ड्राइवरों ने नेशनल हाईवे-39 पन्ना-छतरपुर रोड पर चक्काजाम किया, जिससे यात्री परेशान थे।
- आलीराजपुर: बस और ट्रकों का संचालन नहीं हुआ।
- देवास: इंदौर-देवास मार्ग पर ट्रकों के नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर देने से जाम लगा।
- भिंड: बस-ट्रक ड्राइवरों और बस ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण यहां चक्काजाम किया गया।
- नर्मदापुरम: बस-ट्रक ड्राइवरों ने ओवरब्रिज चौराहे पर जाम लगा दिया, जिसे पुलिस ने खोला।
- शाजापुर: बस स्टैंड पर यात्रीयों को बस नहीं जाने दिया गया और ड्राइवरों ने तीन स्थानों पर चक्काजाम किया।
- दमोह: सभी यात्री बसें स्टैंड पर खड़ी कर दी गई हैं।
- सेंधवा: करीब 150 बसों के पहिए थम गए हैं।
- पीथमपुर: मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक ड्राइवरों ने जाम लगा दिया, जिससे महू-नीमच मार्ग पर भी जाम हुआ।
- रतलाम: पेट्रोप पंप पर देर रात तक लोगों की भीड़ थी, कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया था।
ड्राइवरों की हड़ताल के कारण कृषि अनाज एवं सब्जी मंडी भी बंद रहेगी।
यह समस्त इंसिडेंट्स यह दिखा रहे हैं कि ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल और यातायात नियिमों का उल्लंघन किसी भी क्षेत्र में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है और लोगों को आपसी समझदारी की आवश्यकता है।












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