MP News: जोमेटो बॉय बनकर पुलिस ने कैसे पकड़ा ठगी का मास्टरमाइंड, आर्मी अफसर से की थी 31 लाख की ठगी
MP News: अगर आप सोचते हैं कि क्राइम सीरियल्स सिर्फ मनोरंजन के लिए होते हैं, तो ये खबर आपको चौंका सकती है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक आर्मी ऑफिसर से ₹31 लाख की ठगी करने वाला आरोपी सागर कौरव खुद क्राइम शोज देखकर अपराध की दुनिया में उतरा और पांच महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा।
लेकिन अंत में साइबर सेल ने चालाकी से प्लान बनाकर उसे इंदौर से जोमेटो डिलीवरी बॉय का रूप धरकर गिरफ्तार कर लिया।

कॉल आया, लालच दिया और 31 लाख का चूना लगा गया
घटना अक्टूबर 2023 की है। ग्वालियर के मुरार कैंट क्षेत्र में तैनात एक आर्मी ऑफिसर को कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट और रिसर्चर बताया और भरोसे में लेते हुए मोटे मुनाफे का झांसा दिया। इस लालच में आकर अफसर ने धीरे-धीरे कर के कुल ₹31 लाख की रकम ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी।
लेकिन जब मुनाफा निकालने की कोशिश की तो कोई रकम नहीं मिली। धीरे-धीरे ऑफिसर को ठगी का एहसास हुआ और 1 मार्च 2024 को ग्वालियर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई।
मास्टरमाइंड सागर कौरव, क्राइम सीरियल्स से इंस्पायर्ड, BSc साइंस ग्रेजुएट
आरोपी सागर कौरव मूल रूप से भिंड जिले के दबोह का निवासी है और बीएससी साइंस से ग्रेजुएट है। उसने पुलिस को बताया कि वह क्राइम सीरियल्स देखकर ठगी के तरीके सीखा करता था। खुद को सागर राठौर के नाम से पहचान देने वाला यह ठग इंदौर में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था, जिसमें उसकी गैंग के पांच अन्य सदस्य - रोहित जादौन, ऋषभ ओझा, दीपक शर्मा, ऋषभ शर्मा और अरुण शर्मा - भी शामिल थे।
MP News: ठगी की टाइमलाइन, तारीख घटना
- अक्टूबर 2023 पहली बार आर्मी ऑफिसर को ठगों का कॉल आया
- 25 अक्टूबर 2023 ऑफिसर ने पहला ₹1 लाख ट्रांसफर किया
- अक्टूबर से फरवरी कुल ₹31 लाख की ठगी हुई
- 28 फरवरी 2024 ऑफिसर को ठगी का एहसास हुआ
- 1 मार्च 2024 साइबर सेल में शिकायत की गई
- 25 नवंबर 2024 पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए
- 26 अप्रैल 2025 मास्टरमाइंड सागर कौरव पकड़ा गया
जोमेटो डिलीवरी बॉय बना पुलिसवाला
साइबर सेल ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच महीने तक लगातार ट्रैकिंग की। जब सूचना मिली कि सागर इंदौर में छिपा है, तो टीम ने उसे पकड़ने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। एक पुलिसकर्मी ने जोमेटो डिलीवरी बॉय का भेष अपनाकर इलाके की रेकी की। तीन दिन की लगातार मेहनत के बाद आखिरकार सागर को धरदबोचा गया।
MP News: अब खुलेंगे और रैकेट्स के राज
ग्वालियर में ये सागर कौरव के खिलाफ पहला मामला है, लेकिन पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि उसकी गैंग ने देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कॉल सेंटरों के जरिये लाखों की ठगी की है। पुलिस का मानना है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े इंटरस्टेट फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकती है।
पुलिस का बयान
राज्य साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारी टीम ने तकनीकी और मानवीय इंटेलिजेंस दोनों का उपयोग किया। आरोपी बेहद शातिर था, लेकिन हमारी टीम की मेहनत और प्लानिंग के चलते वह ज्यादा दिन तक बच नहीं पाया।"












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