दमोह में ग्रिड के टावर पर चढ़ा युवक, नीचे उतारने में छूटे पसीने, 8 घंटे बाद नीचे आया
सागर,17 सितंबर। मप्र के दमोह जिले के हिंडोरिया के भोरखेड़ा गांव में खेत में लगे बिजली ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के टावर पर एक युवक चढ़ गया। वह धीरे-धीरे कर करीब 30 से 40 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। आसपास मौजूद लोगों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। वह गांव का ही एक युवक था, लोग उसे पहचानते थे, इसलिए परिजन को सूचना दी गई। मौके पर भीड़ जमा हो गई और युवक को नीचे उतारने के लिए प्रयास करने लगे। बाद में बिजली कंपनी के कर्मचारी, पुलिस भी मौके पर आई और दिनभर की मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा जा सका।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार गांव में रहने वाला शेरसिंह राजपूत मानसिक रुप से कमजोर है। वह सुबह करीब 8 बजे गांव के बाहर खेत में लगे टावर पर जाकर चढ़ गया। दोपहर तक वह टावर पर इधर से उधर होता रहा। दोपहर में अचानक एक ग्रामीण की नजर उस पर पड़ी तो गांव में हो-हल्ला होने लगा। लोग टावर के पास पहुंचे और उसे नीचे उतरने की गुजारिश करने लगे, लेकिन शेरसिंह नहीं माना। बाद में बिजली कंपनी के अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बार-बार समझाने के बाद भी करीब 7 घंटे तक जब ड्रामा चलता रहा। बाद में थक-हारकर बिजली कंपनी के कर्मचारियों को मजबूरी में टावर पर चढ़ना पड़ा और चारों तरफ से युवक को कवर कर वे उस तक पहुंच गए। उसे समझाकर नीचे ले जाए।
ज्यादा ऊपर चढ़ता तो जान से हाथ धो बैठता
अधिकारियों का कहना है कि यह टावर लाइन ग्रिड से जुड़ी है। एक शहर से दूसरे शहर तक सप्लाई दी जाती है। यदि युवक लाइन के -10 फीट के पास भी पहुंच जाता तो करंट उसे खींच लेता। उसका बचना मुश्किल था। वहीं यदि लाइन में फाल्ट आ जाता तो मुसीबत हो जाती। बिजली सप्लाई ठप हो सकती थी। यह सब भी नहीं होता तो युवक के टावर सी नीचे कूंदने का अंदेशा भी बना हुआ था।












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