श्री कृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में करेंगे विकसित, CM मोहन यादव ने कहा
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान सीएम यादव ने घोषणा की कि श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने 2007 में शुरू हुई उज्जैन में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की परंपरा को जारी रखने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस साल भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा के लिए तीन अलग-अलग रथ निकाले जाएंगे। इसके अलावा, राज्य भर में 17 अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की रथ यात्राएं निकाली जाएंगी।

सीएम यादव ने ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ धाम के विकास और उज्जैन तथा पुरी के बीच सांस्कृतिक संबंध स्थापित करने में इंद्रद्युम्न महाराज के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह ऐतिहासिक घटना भारत की एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जब 5000 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने भाई बलदाऊ के साथ सांदीपनि आश्रम आए थे, तो वे पैदल ही गए थे। भगवान श्री कृष्ण की कई लीलाएं उज्जैन और मध्य प्रदेश के अन्य स्थानों से जुड़ी हुई हैं।
तीर्थ स्थलों का विकास
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में भगवान श्री कृष्ण के सभी चरणों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य इन स्थानों से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर के सभी संस्थापकों और पुजारियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन इस्कॉन के श्री राघव पंडित ने किया।












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