महान क्रांतिकारी वीर बुधु भगत की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया नमन
MP News: लरका विद्रोह के महानायक अमर शहीद वीर बुधु भगत की आज जयंती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें सादर नमन किया। साथ ही, कहा कि आपका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
सीएम मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''लरका विद्रोह' का बिगुल फूंकने वाले, महान क्रांतिकारी वीर बुधु भगत जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। देश की स्वतंत्रता के लिए आपका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

बता दें कि लरका विद्रोह के महानायक वीर बुधु भगत का जन्म 17 फरवरी 1792 को रांची जिला के चान्हो प्रखंड के सिलगाई गांव में हुआ था। वे आदिवासी समुदाय के उरांव जाति के थे। साल 1831 में बुधु भगत ने अंग्रेजों के खिलाफ कोल विद्रोह का नेतृत्व किया।
वीर बुधु भगत गोरिल्ला युद्ध में निपुण थे और इसका फायदा उठाकर कई बार आदिवासी योद्धाओं ने अंग्रेजी सेना को परास्त किया था। भगत के नेतृत्व में हजारों हथियारबंद योद्धाओं के विद्रोह से अंग्रेज सरकार और जमींदार, जागीरदार कांप उठे और उन्हें पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा की गई परंतु कोई भी इनाम के लालच में नहीं आया।
1832 में बुधु भगत ने छोटानागपुर के आदिवासियों के साथ अंग्रेजों और जमींदारों के दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। इस विद्रोह को लकड़ा विद्रोह के नाम से जाना जाता है, जिसमें मुंडा, उरांव, भूमिज और हो आदिवासियों का महत्वपूर्ण योगदान था।
अंग्रेजों ने बुधु भगत को पकड़ने के लिए 1000 रुपए इनाम की घोषणा की। 13 फरवरी 1832 को ब्रिटिश सेना सिलागई गांव पहुंची, और बुधु भगत के अनुयायियों के कड़े प्रतिरोध का सामना किया। उन्होंने धनुष, बाण, कुल्हाड़ियों और तलवारों के साथ अंग्रेजी सेना पर आक्रमण किया।
बुधु भगत ने जोआ भगत के साथ इस विद्रोह का नेतृत्व किया। 13 फरवरी 1832 को कैप्टन इम्फे के खिलाफ लड़ते हुए बुधु भगत को अंग्रेजों ने पकड़ लिया और मार डाला। इस लड़ाई में बुधु भगत के पुत्र हलधर भगत और गिरिधर भगत भी मारे गए।












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