कौन हैं डॉ रोहिणी घावरी, जिन्होंने ASP सांसद चंद्रशेखर आजाद पर लगाए गंभीर आरोप, अब आगे क्या होगा, जानिए
MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर की पीएचडी स्कॉलर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी ने उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ रावण पर यौन उत्पीड़न, भावनात्मक शोषण, और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाकर राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज की है।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत विवाद के रूप में सुर्खियों में है, बल्कि इसने दलित समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। रोहिणी के साहस और उनकी कानूनी लड़ाई ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। आइए, इस सनसनीखेज मामले और रोहिणी घावरी की कहानी को विस्तार से समझते हैं।

कौन हैं डॉ रोहिणी घावरी?
डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर, मध्य प्रदेश की रहने वाली एक प्रेरणादायक शख्सियत हैं। वह वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और उनके पिता इंदौर के बीमा अस्पताल में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत हैं। रोहिणी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर 2019 में मध्य प्रदेश सरकार से 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप हासिल की और स्विट्जरलैंड के जिनेवा में पीएचडी के लिए दाखिला लिया। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनकी संस्था 'जनपावर फाउंडेशन' के माध्यम से दलित समुदाय के उत्थान के लिए काम करती हैं।
रोहिणी ने कई बार संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और दलितों की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी है। उनकी एक खास पहचान यह है कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण की शुरुआत "जय श्री राम" के साथ की थी, जिसने उन्हें दलित समुदाय के बीच एक अलग पहचान दी। रोहिणी एक अंबेडकरवादी विचारधारा की समर्थक हैं, लेकिन वह जातिगत विभाजन को खारिज करती हैं और सभी भारतीयों को एक समान मानती हैं।
रोहिणी ने अपनी पढ़ाई और सामाजिक कार्यों के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया। 2023 में पीएचडी थीसिस लिखते समय वह गहरे अवसाद में चली गई थीं और आत्महत्या की कोशिश की थी। लेकिन उनके माता-पिता और भाई-बहनों के समर्थन ने उन्हें हौसला दिया। उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित किया और आज वह एक सफल स्कॉलर और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं।
चंद्रशेखर आजाद पर आरोप: क्या है पूरा मामला?
रोहिणी घावरी ने 23 जून 2025 को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की। उनकी शिकायत के अनुसार, वह और चंद्रशेखर 2021 से तीन साल तक रिलेशनशिप में थे। इस दौरान चंद्रशेखर ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वह अविवाहित हैं और उनसे शादी करना चाहते हैं। रोहिणी का दावा है कि चंद्रशेखर ने विवाह का झांसा देकर उनके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और भावनात्मक रूप से उनका शोषण किया।
रोहिणी की शिकायत का सार
रोहिणी ने अपनी शिकायत में लिखा: मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और अनुसूचित जाति (सफाईकर्मी समुदाय) की महिला, आपके समक्ष यह शिकायत अत्यंत पीड़ा और न्याय की आस के साथ प्रस्तुत कर रही हूं। 2020 में मध्य प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति पर स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में पीएचडी के लिए एडमिशन लिया। इसी दौरान मेरी जान-पहचान च chandra Shekhar Azad, सांसद नगीना (बिजनौर, उत्तर प्रदेश) से हुई।
जून 2021 से दोनों के बीच निरंतर संवाद शुरू हुआ। चंद्रशेखर ने मुझे यह विश्वास दिलाया कि वे अविवाहित हैं और मेरी जैसी जीवनसाथी की तलाश में हैं। उन्होंने विवाह का झांसा देकर भावनात्मक रूप से मेरे साथ संबंध बनाए। उनके आश्वासन पर मैंने न केवल व्यक्तिगत रूप से उन्हें अपनाया, बल्कि उनके राजनैतिक अभियानों में भी सक्रिय रूप से सहयोग दिया।
चंद्रशेखर ने मेरे भारत आने पर विशेषकर दिल्ली में, कई बार मुझे होटल और अपने द्वारिका स्थित निवास पर बुलाकर यह कहकर शारीरिक संबंध बनाए कि वे मुझसे शीघ्र विवाह करेंगे।
2022 के उत्तरप्रदेश चुनाव में मुझे इनकी पार्टी के कुछ लोगों ने इनके शादी के बारे में बताया, जब मैंने इनसे पूछा तो इन्होंने स опти मना कर दिया, और बोले कि मेरी शादी नहीं हुई है। शादी तो तुमसे ही करूंगा, जब मैंने इस संबंध को समाप्त करने की बात की, तो उन्होंने आत्महत्या करने की धमकी दी और "बहुजन आंदोलन छोड़ने" जैसी बातें कहकर मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
इन्होंने मुझे हमेशा धोखे में रखा, और मुझसे शुरू से खुद को अविवाहित बताकर मेरे साथ शादी का झांसा देकर कई बार मेरी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए।
उन्होंने मेरे प्रेम, विश्वास, निष्ठा और समर्पण का दुरुपयोग किया। विदेश में रहते हुए भी मैंने उनके सामाजिक अभियानों में साथ दिया। लेकिन उन्होंने न सिर्फ मेरे भावनात्मक विश्वास को तोड़ा, बल्कि मुझे सामाजिक रूप से बदनाम भी किया। आज स्थिति यह है कि लोग मुझे "रखैल" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित कर रहे हैं, जिससे मैं गहरे अवसाद में चली गई और दो बार आत्महत्या करने का प्रयास किया।
मैं मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह से टूट चुकी हूं। अतः आपसे निवेदन है कि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए चंद्रशेखर आज़ाद के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए, ताकि मुझे न्याय मिल सके और कोई भी अन्य बहन-बेटी इस प्रकार की धोखाधड़ी व उत्पीड़न का शिकार न हो सके।
रोहिणी ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि चंद्रशेखर ने न केवल उनकी, बल्कि कई अन्य लड़कियों की जिंदगी के साथ भी धोखा किया। उन्होंने स्वयं को "Victim No. 3" के रूप में संबोधित किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि अन्य महिलाएं भी इस तरह के शोषण का शिकार हो सकती हैं।
चंद्रशेखर आजाद कौन हैं?
चंद्रशेखर आज़ाद, जिन्हें "रावण" के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के नगीना से लोकसभा सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक हैं। वह भीम आर्मी के प्रमुख हैं, जो दलित अधिकारों के लिए कार्य करने वाली एक संगठन है। चंद्रशेखर 2017 में सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच हुए संघर्ष के दौरान सुर्खियों में आए थे। 2019 में उन्होंने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव में नामांकन भरा, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया।
2020 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशी राम की जयंती पर आज़ाद समाज पार्टी की स्थापना की। वह दलित समाज के लिए एक उभरते हुए नेता के रूप में देखे जाते हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली और बयानों ने कई बार विवादों को जन्म दिया है। चंद्रशेखर को Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, और वह अपने नीले गमछे के लिए भी पहचाने जाते हैं।
रोहिणी के आरोपों का सिलसिला: सोशल मीडिया से कोर्ट तक
रोहिणी ने इस मामले को सबसे पहले अप्रैल 2024 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया था। उन्होंने चंद्रशेखर के साथ अपनी चैट्स और वीडियो शेयर किए, जिसमें चंद्रशेखर को रोते हुए और माफी मांगते हुए देखा गया। रोहिणी ने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उन्हें और कई अन्य लड़कियों को अपनी शादी की सच्चाई छिपाकर धोखा दिया। उन्होंने लिखा, "यही झूठे आंसू दिखाकर मुझे विश्वास करने पर मजबूर कर दिया। मेरी गलती सिर्फ इतनी थी कि मैंने इन्हें सच्चा आंदोलनकारी मान लिया।"
रोहिणी ने यह भी बताया कि उनके इन आरोपों के बाद उन्हें सामाजिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की गई। कुछ लोगों ने उन्हें BJP और RSS से जोड़ा, तो कुछ ने पैसे लेकर बदनामी करने का आरोप लगाया। रोहिणी ने कहा, "मैं थक गई हूं सुन-सुनकर। मेरा समाज इस आदमी से सवाल क्यों नहीं करता?"
चंद्रशेखर का जवाब: मौन से कोर्ट तक
रोहिणी के आरोपों के बाद चंद्रशेखर ने शुरुआत में इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। 14 जून 2025 को उन्होंने एक बयान में कहा, "ये महिला सम्मान से जुड़ा हुआ विषय है और मेरे परिवार ने मुझे महिला सम्मान के प्रति सजग रहने के संस्कार दिए हैं। मुझे पता चला है कि वो कोर्ट जा रही है, तो मैं अपनी सारी बात कोर्ट के समक्ष रखूंगा।"
चंद्रशेखर ने यह भी दावा किया कि यह मामला उनकी छवि को खराब करने की साजिश हो सकता है। हालांकि, उन्होंने रोहिणी के विशिष्ट आरोपों का जवाब नहीं दिया। उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर रोहिणी के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें उन्हें दलित समाज को कमजोर करने वाली और चंद्रशेखर के करियर को नष्ट करने की कोशिश करने वाली महिला बताया गया।
आगे क्या?
- राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई होगी
- जांच में अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला लोकसभा की आचार संहिता, पॉक्सो और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है
- और सबसे अहम-यह बहस उठेगी कि क्या "बहुजन राजनीति" भी अब 'पुरुष प्रभुत्व' से मुक्त हो सकेगी?












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