MP Cabinet expansion: कौन है नरेंद्र शिवाजी पटेल, आखिर क्यों पहली बार के जीते विधायक को बनाया गया मंत्री
MP Cabinet expansion: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की उदयपुरा विधानसभा सीट से पहली बार विधायक का चुनाव जीतने वाले नरेंद्र शिवाजी पटेल को मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया है। अब प्रदेश वासियों के दिमाग में यह सवाल है कि पहली बार के इस विधायक को आखिर क्यों मंत्री बनाया गया। नीचे पूरी खबर विस्तार से जानिए।
बड़े मार्जिन से जीता विधानसभा चुनाव
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी ने रायसेन जिले की उदयपुरा विधानसभा सीट से नरेंद्र शिवाजी पटेल को चुनावी मैदान में उतारा था। जिन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विधायक देवेंद्र सिंह पटेल को 42,823 वोटो से चुनाव हराया है। इसके बाद से ही उम्मीद लगाई जा रही थी कि भाजपा की नई सरकार में उन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है।

नरेंद्र शिवाजी पटेल को क्यों बनाया गया मंत्री
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक डॉ लखन गुरु की माने तो मध्य प्रदेश में किरार (धाकड़) समाज का राजनीति में प्रमुख चेहरा शिवराज सिंह चौहान माने जाते हैं। लेकिन इस बार उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, ऐसे में किरार समाज के लोग अपनी समाज से एक जनप्रतिनिधि को मंत्री के रूप में देखना चाह रहे थे। इसके अलावा नरेंद्र शिवाजी पटेल बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे, उनकी शैक्षणिक योग्यता और श्रेष्ठ वक्ता के चलते उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है।
पिता सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में उनके करीबी राम पटेल ने बताया कि नरेंद्र शिवाजी पटेल संघ से जुड़े हैं। वर्तमान में वह भाजपा मध्यप्रदेश की कार्यसमिति सदस्य हैं। पिता शिवाजी पटेल की व्यावसायिक पृष्ठभूमि रही है। इनके महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर के शोरूम थे। शिवाजी पटेल जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे हैं और किरार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा रायसेन उदयपुरा और बरेली क्षेत्र में नरेंद्र शिवाजी पटेल के लिए परिवार का जनता से सीधा जुड़ाव है इस वजह से उन्हें मंत्री बनाया गया है।
कौन है नरेंद्र शिवाजी पटेल
नरेंद्र शिवाजी पटेल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से बचपन से जुड़े रहे। उनका जन्म नर्मदा अंचल के छोटे से गांव सेमरी कला जिला होशंगाबाद में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बरेली जिला रायसेन में हुई। इसके बाद उन्होंने विदिशा के तकनीकी महाविद्यालय सम्राट अशोक तकनीकी संस्थान से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अभियांत्रिकी स्नातक योग्यता परीक्षा" Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) में दो बार सफलता अर्जित की। इसके बाद वास्तुकला व योजना संस्थान नई दिल्ली में आवास योजना परास्नातक पाठ्यक्रम (Master of Planning, Housing) में प्रवेश लिया। लेकिन SATI से शोध सहायक (Research Assistant) का प्रस्ताव मिलने पर वे वहां चले गए। उन्हें ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग" के आधार पर भारत सरकार की वैज्ञानिक तथा अनुसंधान परिषद सीएसआईआर (CSIR) से रिसर्च फेलोशिप भी प्राप्त हुई।
राजनीति में बचपन से सक्रियता
बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव होने और पिता भाजपा के सक्रिय नेता रहे और घर पर ही पार्टी संचालन का केंद्र रहा। जिसके चलते उनकी बचपन से ही राजनीति में रुचि रही। 1984 में लोकसभा चुनाव में अल्प-वयस्क होते हुए भी बीजेपी के पोलिंग एजेंट बने। बीजेपी युवा मोर्चा में सक्रिय हो गए । जमीनी कार्यकर्ता से लेकर मंडल उपाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, प्रदेश मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री का दायित्व भारतीय जनता युवा मोर्चा में सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। वह भाजपा मध्य प्रदेश के कार्यसमिति सदस्य और प्रदेश प्रवक्ता (TV Panelist) का दायित्व संभाल रहे हैं।












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