MP News: स्वास्थ्य विभाग की पर्याय हैं आशा- ऊषा कार्यकर्ता, भोपाल में सीएम शिवराज ने की कई घोषणाएं
MP News: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं और अभियान को सफल बनाने में आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान हैं। ग्राम आरोग्य केन्द्रों के माध्यम से प्राथमिक उपचार, दवाओं का वितरण, रोग नियंत्रण की निगरानी का बड़ा स्तंभ हैं। कठिन हालातों में भी उनके समर्पण को भुलाया नहीं जा सकता।
यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित सम्मलेन में कही। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सीएम बोले कि आशा और ऊषा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की पर्याय बनकर उभरी हैं। गांव में आशा बहनें और शहरों में ऊषा बहनें स्वास्थ्य सेवाएं देती हैं।

सीएम ने कोविडकाल को भी याद किया जब आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों की जिन्दगी बचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिया कि आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले इन्सेंटिव के कार्य का सरलीकरण किया जाए। जिला स्तर के साथ ही ब्लॉक स्तर पर इसकी व्यवस्था की जाए, जिससे जिलों में इन बहनों को भटकना न पड़े। सम्मलेन में उन्होंने अपनी कई घोषणाओं बखान भी किया।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रमुख घोषणाएं
- आशा, ऊषा बहनें और आशा पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाएगी।
- आशा कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा।
- प्रत्येक आशा और ऊषा बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सम्मिलित किया जाएगा।
- आशा पर्यवेक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 13,500 रूपए किया जाएगा।
- आशा पर्यवेक्षकों के मानदेय में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी की जाएगी।
- आशा, ऊषा बहनों का मानदेय 2 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रूपए किया जाएगा।
- आशा, ऊषा बहनों को मिलने वाले मानदेय में प्रतिवर्ष 1000 रूपए की वृद्धि की जाएगी।
- आशा, ऊषा बहनों और आशा पर्यवेक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद एक लाख रूपए दिए जाएंगे।
- आशा, ऊषा बहनों और आशा पर्यवेक्षकों को 5 लाख रूपए का चिकित्सा और दुर्घटना बीमा करवाकर दिया जाएगा।
- बिना गंभीर लापरवाही के किसी को सेवा से पृथक नहीं किया जाएगा।
- आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।












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