' आपका बंटी ' और ' महाभोज ' जैसी कालजयी रचनाओं वाली मन्नू भंडारी का मध्य प्रदेश से था गहरा नाता
भोपाल। सोमवार को मशहूर लेखिका मन्नू ( महेंद्र कुमारी ) भंडारी का सोमवार को हरियाणा के गुरुग्राम शहर में निधन हो गया। कालजयी रचना लिखने वाली मन्नू भंडारी का मध्य प्रदेश से गहरा नाता रहा है। मंदसौर जिले के भानपुरा में 3 अप्रैल 1931 को मन्नू भंडारी का जन्म हुआ था। हालांकि जब वह 6 वर्षी की थीं तो तब वह अपने सुखसंपतराय भंडारी के साथ अजमेर चली गईं। उनकी रचना महाभोज और आपका बंटी देश-विदेश में मशहूर है, जिसके चलते उन्हें ख्याति प्राप्त हुई।

2008 में मन्नू भंडारी को उपाधिन्यास से सम्मानित किया गया
साल 2008 में मन्नू भंडारी को उपाधिन्यास से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1992 से 1994 तक वह विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन की प्रेमचंद सृजन पीठ की डायरेक्टर रहीं। लेखिका मन्नू भंडारी के पिता सुखसंपतराय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। उनकी शिक्षा राजस्थान में हुई लेकिन कभी-कभी वह भानपुरा आया-जाया करती थीं।

आखिरी बार साल 2002 में आई थीं मध्य प्रदेश
आखिरी बार वह मध्य प्रदेश साल 2002 के अक्टूबर माह में अपने पति साहित्यकार राजेंद्र यादव के साथ आई थीं। इस दौरान उन्होंने चार दिन अपने काकाजी के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिया था। लेखिका मन्नू भंडारी के पिता सुखसंपतराय देश की पहली हिंदी टू इंग्लिश व इंग्लिश टू मराठी डिक्शनरी के लेखक थे।

मन्नू भंडारी के निवास्थान में ही खुला था कांग्रेस का कार्यालय
बताया जाता है कि कांग्रेस का सबसे पहला कार्यालय साल 1920 में मन्नू भंडारी के निवास पर ही खुला था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जब पहली बार इंदौर आए थे तब मन्नू भंडारी के पिता सुखसंपतराय भंडारी ही स्वागत समिति के अध्यक्ष थे। बताया जाता है कि जिस मकान में मन्नू भंडारी का जन्म हुआ, वह आज भी अच्छी स्थिति में है। मकान की देखरेख के लिए एक व्यक्ति को भी रखा गया है।












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