कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूछा सवाल, कहा- हर बार सरकार गिराने के लिए बेंगलुरू का क्यों होता है इस्तेमाल
नई दिल्ली। कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस पार्टी को इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल सा आ गया है। एक तरफ जहां राज्य में मौजूदा कमलनाथ सरकार पर संकट गहर गया है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के पास सरकार बनाने का मौका मिल गया है। इसी सिलसिले में जब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से पार्टी में विधायकों के नंबर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हर बार सरकार में अस्थिरता पैदा करने के लिए बेंगलुरू का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

बता दें कि सोमवार से ही मध्य प्रदेश की राजनीति में उठा-पटक चल रही है। कई घंटों बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे को लेकर तस्वीर साफ हो पाई है। अमित शाह से मिलने के बाद उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम मोदी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा सौंप दिया। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके खेमे के 19 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं।
इन 19 विधायकों में पांच मंत्री भी शामिल हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को अपने इस्तीफे भेज दिए हैं। ये विधायक कर्नाटक में हैं और वहीं से बाकायदा एक तस्वीर भी जारी की गई है। इन इस्तीफों के साथ ही कमलनाथ सरकार के जाने की पटकथा फाइनल हो गई है। इस्तीफा देने से पहले सिंधिया दिल्ली में सुबह अपने आवास से निकलकर सीधे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे और इसके बाद शाह के साथ ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंच गए। पीएम के आवास पर सिंधिया की बैठक सुबह 10.45 बजे शुरू हुई।
करीब एक घंटे तक पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बैठक चली। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सिंधिया अमित शाह की कार में बैठकर ही बाहर निकले। इससे पहले सिंधिया अपने आवास से अकेले खुद कार चलाकर अमित शाह के घर पहुंचे थे, जहां से अमित शाह के काफिले में लोक कल्याण मार्ग पर पीएम आवास पहुंचे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।












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