Khandwa Raju Return: पाकिस्तान जेल से लौटा खंडवा का राजू, जासूसी के शक में मिली थी सजा, 5 साल से था लापता
मध्य प्रदेश के खंडवा के राजू पिंडारे की भारत वापिसी हो गई। 5 साल पहले पकिस्तान में जासूसी के शक में पकड़े गए राजू की रिहाई हुई। जल्द ही वह अपने घर पहुंचने वाला है।

Khandwa's Raju returned from Pakistan jail: पाकिस्तान की जेल से मध्य प्रदेश खंडवा के राजू की वतन वापिसी हो गई। करीब 5 साल पहले वह भटकता हुआ बॉर्डर पहुंच गया था। जहां पाकिस्तान पुलिस ने जासूसी के शक में पकड़ लिया था। साढ़े तीन साल की सजा पूरी होने के बाद राजू की रिहाई हुई। राजस्थान के रास्ते भारत को सौंपे गए राजू बहुत जल्द अपने माता-पिता के पास पहुंचने वाला है। गुमशुदगी के वक्त घर वालों ने राजू को अर्धविक्षिप्त बताया था। वापिसी की खबर सुनकर उसकी मां की आंखे ख़ुशी से छलक गई।

जासूसी के शक में अरेस्ट हुआ था राजू
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रहने वाला राजू पिंडारे 31 जुलाई 2019 पाकिस्तान के डेरा गाजी खान जिले में गिरफ्तार हुआ था। पाकिस्तान पुलिस ने उस पर जासूसी के आरोप लगाए, फिर कोर्ट से साढ़े तीन साल की सजा का ऐलान हुआ था। राजू की वापिसी के लिए उस वक्त तमाम कोशिशे की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली और उसे जेल में पूरी सजा काटना पड़ा। इस दौरान उसके घर वालों का एक-एक दिन बड़ा मुश्किल भरा रहा।

माता-पिता के छलक उठे आंसू
खेतीहर मजदूर परिवार की मां बसंता बाई और पिता लक्ष्मण को जैसे ही राजू के रिहाई की खबर मिली, उनकी ख़ुशी के आंसू छलकने लगे। राजस्थान के रास्ते भारत को राजू जैसा ही सौंपा गया तो पंजाब पुलिस ने उसकी माता-पिता से फोन पर बात की। पिता से उसने कहा कि 'पापा मैं लौट आया हूं'। मां ने भी जैसे ही राजू की आवाज सुनी तो उसने भगवान का शुक्रिया अदा किया। अब परिवार को उसके घर आने का इंतजार हैं।

परिवार को 3 महीने बाद चला था पता
जासूसी के शक में पाकिस्तान पुलिस द्वारा अरेस्ट राजू के बारे में वहां की ख़ुफ़िया एजेंसी ने पूछताछ भी की थी। तब वह ठीक ढंग से अपने बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया। पाकिस्तान पुलिस उसे राजस्थान का रहने वाली समझ रही थी। बाद में इंटेलिजेंस की मदद से 3 महीने बाद घर वालों को जानकारी लगी कि उनका बेटा अटारी बोर्डर क्रॉस कर पाकिस्तान चला गया है। जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

अभी मनोरोग हॉस्पिटल में है राजू
बीते हफ़्ते राजू को भारत के हवाले किया गया है। गुमशुदगी के वक्त उसका दिव्यांग भाई भी तलाश में जुटा रहा। बाद में पाकिस्तान में होने की खबर मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पीएमओ से भी मदद की गुहार लगाई गई थी। बताया गया था कि राजू की मानसिक हालत ठीक नहीं है। इसी वजह से वह किसी ट्रक में बैठकर पंजाब पहुंचा और घूमते हुए अटारी बॉर्डर क्रॉस कर गया था। वापिसी होने के बाद राजू को मनोरोग चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जहां से उसे खंडवा लाया जाएगा।

कोई विक्षिप्त कैसे कर सकता है जासूसी?
2019 में जब यह मामला सामने आया था, उस वक्त मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी। भील गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले राजू पर जासूसी के लगे आरोपों पर भी परिवार ने सवाल उठाए थे। घर वालों का कहना था एक बेटी और दो बेटे में सबसे बड़ा राजू है। मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उसकी पत्नी भी घर छोड़कर चली गई। ऐसे हालातों में जब किसी का दिमागी संतुलन ठीक नहीं, तो वह जासूसी क्या करेगा? साथ ही पारिवारिक पृष्ठभूमि के हिसाब से भी परिवार को जासूसी से क्या हासिल होने वाला हैं।












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