पटवारी बोले – सौरभ शर्मा की लाल डायरी में कई बड़े नाम: लोकायुक्त जांच कर बताए किसको, कितना पैसा पहुंचता था
MP Congress News: मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, सोना, चांदी और नकदी बरामद होने के बाद अब यह मामला राजनीतिक हलकों में गरमा गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर सरकार और लोकायुक्त पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पटवारी का कहना है कि सौरभ शर्मा की छापेमारी के दौरान एक लाल डायरी मिली है, जिसमें कई रसूखदार लोगों के नाम कोडवर्ड के रूप में लिखे गए हैं और यह पूरी जानकारी लोकायुक्त के पास है।

लाल डायरी में लिखे गए रसूखदारों के नाम
पटवारी ने आरोप लगाया कि सौरभ शर्मा की लाल डायरी में उन लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनका इस बड़े भ्रष्टाचार में हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह डायरी पैसे के लेन-देन का पूरा हिसाब देती है और इसमें विभिन्न व्यक्तियों के नाम के साथ-साथ उन तक कितना पैसा पहुंचता था, इसका भी विवरण दिया गया है। पटवारी ने लोकायुक्त से आग्रह किया कि इस डायरी को पब्लिक डोमेन में लाया जाए ताकि जनता को यह पता चल सके कि यह अवैध धन किस-किसके पास गया।
पटवारी ने कहा, "सवाल यह है कि एक कांस्टेबल के पास इतना पैसा कैसे आया? अगर उसकी डायरी में इतने सारे नाम हैं, तो यह साफ है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से जुड़ा हुआ है।" उन्होंने यह भी कहा कि लोकायुक्त को यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और यह सबको बताना चाहिए कि इस भ्रष्टाचार के तहत किसे कितना पैसा पहुंचा।
पटवारी का लोकायुक्त से आग्रह
जीतू पटवारी ने लोकायुक्त से अनुरोध किया कि वह इस डायरी का सत्यापन सार्वजनिक करें ताकि यह साफ हो सके कि किस रसूखदार ने इस भ्रष्टाचार का फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त को इस मामले में पारदर्शिता रखनी चाहिए और सब कुछ सार्वजनिक करना चाहिए। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि अगर यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तो सौरभ शर्मा की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि डायरी में जिन लोगों के नाम हैं, वे उसे चुप करवा सकते हैं।
सौरभ शर्मा की हत्या का खतरा
पटवारी ने यह भी कहा कि अगर डायरी को सार्वजनिक नहीं किया गया तो सौरभ शर्मा की हत्या भी की जा सकती है, क्योंकि उन लोगों का नाम इस डायरी में दर्ज है, जिनके लिए यह खुलासा उनके खिलाफ बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वे इस मामले में दखल दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आरोप
कांग्रेस ने इस मामले में आरोप लगाया है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। पटवारी ने दावा किया कि इस मामले में एक ही स्थान से अलग-अलग एजेंसियों द्वारा की गई छापेमारी में 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि यह सबकुछ मोदी सरकार के "नए भारत" की तस्वीर को दर्शाता है, जहां एक ही मामले में अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
मुख्यमंत्री के बयान पर पटवारी का पलटवार
इसके अलावा, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा परिवहन चौकियों को बंद करने के बयान पर पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को औचक निरीक्षण करने की चुनौती दी है। पटवारी ने कहा, "मुख्यमंत्री जी को चुनौती देता हूं कि वह औचक निरीक्षण करें। हालांकि, मुझे लगता है कि वह निरीक्षण नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं विपक्ष में हूं और मुझे फ्री हैं, आप मुझे एक चौकी बता दीजिए, जहां उगाही न हो रही हो।"
संपत्ति और नकदी का खुलासा
सौरभ शर्मा के खिलाफ छापेमारी में जिन संपत्तियों का खुलासा हुआ, उनमें लाखों रुपए की नकदी, सोना, चांदी, और अन्य अवैध संपत्तियों के दस्तावेज शामिल हैं। यह सब कुछ एक छोटे से कांस्टेबल के पास पाया गया था, जो राज्य के परिवहन विभाग में कार्यरत था। इस मामले में लोकायुक्त की टीम ने पिछले दिनों कई ठिकानों पर छापे मारे थे और विभिन्न एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के घर से नगदी, सोने के बर्तन और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे।












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