Jabalpur Fire: पापा मुझे बचा लो...मेरे शरीर में आग लग गई है, तन्मय की पिता को आखिरी कॉल

जबलपुर, 03 अगस्त: मध्य प्रदेश के जबलपुर में 1 अगस्त को न्यू लाइफ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में लगी आग ने 8 जिंदगियों को लील लिया। इस हादसे में मरने वालों में 19 साल के तन्मय भी है। आग लगने की घटना से करीब 50 मिनट पहले ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तन्मय को बुखार और उल्टियां हो रही थीं। दोस्त उसे अस्पताल में भर्ती करा गए थे। आग में जल रहा तन्मय फोन पर अपने पिता से बचाने की गुहार लगा रहा था।

एडमिट होने के बाद घर भेजी थी फोटो

एडमिट होने के बाद घर भेजी थी फोटो

11वीं के स्टूडेंट तन्मय को पिछले कुछ दिनों से हल्का बुखार आ रहा था। वह दोपहर 2 बजे दो दोस्तों के साथ न्यू लाइफ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल इलाज कराने के लिए पहुंचा। ड्यूटी डॉक्टर ने चेकअप के बाद उसे ड्रिप लगाने की सलाह दी। तन्मय ड्रिप लगवाने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद उसके ड्रिप लग गई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसकी ड्रेस भी चेंज कर दी गई थी। जिसके बाद तन्मय ने अपनी फोटो घरवालों को भेज दी और बताया कि, शाम तक घर आ जाएगा। वह ग्राउंड फ्लोर पर स्थित वार्ड में एडमिट था।

दोस्तों के साथ इलाज के लिए पहुंचा था अस्पताल

दोस्तों के साथ इलाज के लिए पहुंचा था अस्पताल

अस्पताल में भर्ती होने के बाद तन्मय ने अपने दोस्तों से कहा कि, बाहर जा कर कुछ नास्ता कर आओ। तन्मय की बात मानकर दोस्त नाश्ते के लिए चले गए। जैसे ही तन्मय के दोस्त बाहर गए, कुछ देर बाद उसमें आग लग गई। दोपहर 2.50 बजे तन्मय ने अपने पिता अमन विश्वकर्मा को फोन किया। उसने पिता को बताया कि अस्पताल में आग लग गई है। वह फंस गया है।

फोन पर आखिरी चीख के बाद हो गया सन्नाटा

फोन पर आखिरी चीख के बाद हो गया सन्नाटा

तन्मय ने पिता को फोन कर कहा कि पापा, चारों तरफ आग है और मैं बाहर नहीं निकल सकता। प्लीज आओ और मुझे बचाओ। पापा मेरे पूरे शरीर में आग लग गई। इसके बाद उसकी आवाज नहीं आई। पिता से बात करते हुए ही अचानक तन्मय का फोन बंद हो गया। पिता अमन आखिरी बार सिर्फ अपने बेटे की चीख ही सुन पाए। बेटे को आग फंसा सुन अमन भागे-भागे अस्पताल पहुंचे। तब तक उनके बेटे की मौत हो चुकी थी।

पिता को नहीं पता था कि वह अस्पताल में एडमिट है

पिता को नहीं पता था कि वह अस्पताल में एडमिट है

तन्मय के परिजनों ने बताया कि, उसे कई दिनों से वायरल फीवर था। ठीक नहीं होने पर वह दोस्तों के साथ अस्पताल चला गया। इसकी जानकारी घरवालों को नहीं थी, कि, वह अस्पताल में भर्ती हो गया है। तन्मय के पिता ने बताया कि उसने मुझे नहीं बताया था कि वह अस्पताल जा रहा है। दोस्त ने उसे कहा कि ड्रीप लगवा लो तो वह अस्पताल में भर्ती हो गया।

10 फीट दूर गेट तक नहीं पहुंच सका तन्मय

10 फीट दूर गेट तक नहीं पहुंच सका तन्मय

मृतक के पिता का कहना है कि मुझे अभी भी उसकी आखिरी चीख सुनाई दे रही है, लेकिन मैं उसकी मदद नहीं कर पाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो तन्मय जिस वार्ड में भर्ती था, उसकी गेट से दूरी मात्र 10 फीट थी, लेकिन आग अचानक ही इतनी तेज लगी कि, वह अपने वार्ड से उस गेट तक भी नहीं पहुंच सका। तन्मय इस हादसे में मरने वाले लोगों में सबसे कम उम्र का है।

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