IPS Manoj Sharma 12 वीं फेल हुए, लेकिन Love Story में हो गए पास, ऐसी मोहब्बत कि दिग्विजय तक चाहते हैं मिलना
IPS Manoj Sharma: जिंदगी का फलसफा ही कुछ ऐसा होता है कि मोहब्बत और चाहत का समुद्र लहरों के साथ सुकून भरें किनारे पर छोड़ देता हैं। ये उस मोहब्बत की खबर है, जिसमें कई दफा लोग हारकर जिंदगी में हार मान लेते हैं। लेकिन आज कहानी मध्य प्रदेश के जिस शख्स की हैं उसने मोहब्बत के इंतिहान से जिंदगी न सिर्फ जीती, बल्कि इश्कबाजों के लिए मिसाल बना हुआ हैं।
नाम मनोज शर्मा है, जो कभी 12वीं में फेल तक हो गया था। लेकिन प्यार भरा एक ऐसा मोड़ आया कि UPSC क्रेक करना तक उसे बाएं हाथ का खेल बन गया। मुस्कुराती लड़की के साथ सैल्फी वाली इस तस्वीर में मनोज शर्मा ही हैं। जो एमपी के मुरैना के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं।
मोहब्बत की खूबसूरती बिखेरती यह तस्वीर आधी कहानी साबित करने के लिए काफी हैं। फिर भी यह जानना जरुरी हैं कि IPS यानि पुलिस विभाग में बड़े ओहदे पर अपनी सेवाएं दे रहे मनोज आखिर इतनी चर्चाओं में क्यों हैं? यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तक उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की। मनोज औज प्यार या दूसरे इंतिहान में नाकाम रहने वाले लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी जिंदगी को लेकर मध्य प्रदेश के लेखक अनुराग पाठक ने 'टूवेल्थ फेल' किताब तक लिख डाली। एक फिल्म तक बन गई हैं। जिसका ट्रेलर दिग्विजय सिंह को खूब भाया।

मोहब्बत की कामयाबी के लिए शर्त
अनुराग ठाकुर की किताब में शामिल अंशों के मुताबिक IPS मनोज जब 12वीं में फेल हुए तो उनका अपनी क्लास में साथ में पढ़ने वाली श्रद्धा नाम की लड़की पर दिल आ गया था। श्रद्धा फर्स्ट क्लास पास हो गई, ऐसे में मनोज अपने प्यार का इजहार कैसे करता? फिर भी उसने श्रद्धा से कह दिया कि'यदि वह हां, कर दे तो दुनिया भी पलट सकते हैं'। प्यार की लंबी लकीर खिंचने जा रही श्रद्धा ने मैन में तो हाँ कह दिया लेकिन सामने कुछ काबिल बनकर दिखाने की शर्त रख दी।
फिर क्या था, 12वीं में फेल होने के बाद मोहब्बत में सफल होने का जूनून मनोज को UPSC एग्जाम की चौखट तक ले गया। जिसे क्रेक कर आज पुलिस ऑफिसर हैं। मुस्कुराती और बेहद खुश श्रद्धा का प्यार भी उसके दोनों कंधो से लिपटा हैं। दुनिया पलटने का मनोज ने जो वादा किया था, वह पूरा कर दिखाया।
पुलिस ने पकड़ लिया था ऑटो
मनोज बताते हैं कि उनका वास्ता बेहद गरीब परिवार रहा। पढ़ाई पूरी करने के लिए चपरासी से लेकर ऑटो रिक्शा तक चलाया। एक दफा उनका ऑटो पुलिस ने जब्त लिया था। दस्तावेज लेकर जब वह अपने क्षेत्र के संबंधित SDM के पास पहुंचे और ऑटो नहीं छूटा तो उन्होंने श्रद्धा को पाने, अपने सपने पूरा करने की ठान ली। आज वाकई मनोज शर्मा ने युवाओं के सामने मिसाल कायम कर दी।












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