• search
मध्य प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

बीमार मां को किराए के ठेले पर लादकर बेटी पहुंची राशन लेने, फिर भी खाली हाथा लौटा परिवार

|

सागर। खाद विभाग की ऑनलाइन सेवा और सरकार के आए दिन नियम के कारण गरीब जनता को खासा परेशान होना पड़ रहा है। राशन की ऑनलाइन सेवा हो जाने से गरीबों को काफी मशक्कत करके अपना राशन पानी लेना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के सागर का है जहां एक बुजुर्ग महिला को राशन लेने के लिए ठेला पर बैठकर जाना पाड़ा। क्योंकि अब राशन के लिए फिंगर प्रिंट लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए महिला की बेटी ने अपनी बीमार मां को ठेले पर लेकर राशन लेने पहुंची। महिला का अंगूठा मैच नहीं हुआ तो उसे राशन नहीं मिल सका।

ill mother to take ration returned home for not matching her fingerprints

पीड़ित महिला सुहागरानी चडार मुहाल नयाखेड़ा की रहने वाली है। जोकि अपने बेटी के परिवार के साथ रहती है। बेटी श्रीबाई राशन लेने कोटेदार के पास पहुंची। राशन लेने के लिए कोटेदार ने अंगूठे का निशान मैचिंग होना जरूरी बताते हुए राशन कार्ड धारी को बुलाने को कहा। श्रीबाई ने बताया कि उसकी मां बीमार है इसलिए नहीं आ सकती हैं। दुकानदार ने बगैर राशन दिए उसे लौटा दिया। फिर श्रीबाई ने अपने पति के साथ किराए का ठेला मांगकर अपनी मां को राशन की दुकान पर लाई। काफी प्रयास के बाद भी वही नतीजा निकला। कोटेदार ने मशीन पर महिला के अंगूठे का निशान नहीं मैच करने पर उन्हें वापस लौटा दिया। घर का राशन नहीं मिलने पर परिवार वाले उदास हैं। श्रीबाई के परिवार जैसे कई लोग हैं जो इस ऑनलाइन सेवा से परेशान हो रहे हैं।

वहीं इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि राशन कार्ड लिंक लोने पर कई लोगों के फ्रिंगर प्रिंट मैच नहीं गो रहे हैं। इस बारे में अधिकारियों को सूचित कर जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।

रायबरेली ट्रेन हादसे में घायलों की लिस्ट जारी, सोनिया गांधी करेंगी दौरा

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
ill mother to take ration returned home for not matching her fingerprints
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more