MP News: मध्य प्रदेश में ऐसे होगा मुख्यमंत्री का चयन, पीएम मोदी और शाह की पसंद पर पूरे देश की नजरें
MP CM News: मध्य प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसे लेकर सस्पेंस लगातार बरकरार है। दरअसल,विधानसभा चुनाव परिणामों को सामने आए हुए 6 दिन हो चुके हैं। लेकिन बीजेपी संगठन अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना पाया है। हालांकि भाजपा ने इसके लिए प्रदेश में तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। अब प्रदेश में लोगों के दिमाग में यही सवाल है कि एमपी में मुख्यमंत्री का चयन कैसे होगा।
एमपी में इस तरह हो सकता है मुख्यमंत्री का चयन!
ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री के लिए जिस भी नेता का नाम तय करेंगे। वही नाम विधायक दल की बैठक में तीनों पर्यवेक्षक सामने रखेंगे। जिस नाम पर भी सर्वसम्मति से मुहर लग जाएगी। उसे प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि मुहर लगने से पहले मुख्यमंत्री के दावेदारों का पीएम मोदी और शाह और हर एंगल से टेस्ट करेंगे। जिसमें जातिगत समीकरण के साथ ही क्षेत्र का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही सबसे अहम बात यह होगी कि नए मुख्यमंत्री को लेकर लोकसभा चुनाव में पार्टी कितना फायदा ले सकती है। मोदी और अमित शाह के साथ लंबे वक्त से शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर प्रहलाद सिंह पटेल काम कर रहे हैं।
बता दे नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल मोदी-शाह की पसंद लोकसभा में भी रहे हैं, इसलिए इन दोनों नेताओं को उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में शामिल भी किया था। वही राकेश सिंह को मोदी के नेतृत्व में ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। इसी तरह वीडी शर्मा भी मोदी के करीबी माने जाते हैं। शर्मा पिछले 4 साल से प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं। जब उन्हें अध्यक्ष बनाया गया तब प्रदेश में कमलनाथ की सरकार थी, लेकिन कुछ महीनों बाद कमलनाथ सरकार गिर गई। इसके बाद भाजपा सरकार की कमान फिर से शिवराज सिंह चौहान को सौंप गई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडी शर्मा पर ही अध्यक्ष पद का भरोसा जताया था।
इसी तरह सरकार गिरने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी उन्होंने अपनाया और राज्यसभा भेज कर मंत्रिमंडल में शामिल किया। कैलाश विजयवर्गीय को संगठन में ले जाकर उनका पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में उपयोग किया। कैलाश विजयवर्गी भी मोदी और शाह की पसंद हमेशा से रहे हैं। यानी कम की रेस में शामिल हर नेता मोदी और शाह की कसौटी पर पूरी तरह से भरोसे पर खरा उतरा है।
जाति और लैंगिक संतुलन का भी रखा जाएगा ध्यान
शुभ बुखार है कि भाजपा नेतृत्व तीनों राज्यों में सरकार का गठन कुछ इस प्रकार से करेग कि देश में जाति और लैंगिक, संतुलन का संदेश दे सके। पार्टी इसका लाभ लोकसभा चुनाव में लेना चाहती है सूत्रों की माने जाए तो तीन राज्यों में से एक राज्य में महिला मुख्यमंत्री का नाम हो सकता है। एक आदिवासी या ओबीसी मुख्यमंत्री का नाम भी घोषित हो सकता है। केंद्रीय पर्यवेक्षक तीनों राज्यों में बैठकों के लिए निकल पड़े हैं। विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां पर सोमवार को सस्पेंस खत्म हो जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ के लक्ष्मण और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा पर्यवेक्षकों के तौर पर आज या कल भोपाल पहुंच सकते हैं।












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