MP news: बैन हटे या नहीं, 57 दिन में पुलिस और प्रशासन के हजारों अफसरों का होगा ट्रांसफर
मध्य प्रदेश में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

MP News: मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले पर से बैन हटाया नहीं पर अगले 57 दिनों में हजारों पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण होंगे। इनमें नायब तहसीलदार से लेकर संभाग आयुक्त तक और सब इंस्पेक्टर से लेकर रेंज में आईजी के रूप में पदस्थ एडीजी स्तर तक के सभी अफसर बदले जाएंगे। चुनाव आयोग के आदेश पर चुनाव कार्य से सीधा संबंध रखने वाले आईएएस, आईपीएस राज्य प्रशासनिक और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के थोक तबादले राज्य सरकार करेगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से चुनाव कार्य से सीधा संबंध रखने वाले अधिकारियों के तबादले 31 जुलाई तक करके रिपोर्ट देने को कहा है। इसके बाद चुनाव आयोग अगले महीने में चुनाव संबंधी गतिविधियां तेज करेगा। मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के लिए जारी निर्देश में चुनाव आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का काम निर्देशों के मुताबिक समय सीमा में कर लिया जाए।
कोई भी महिला या पुरुष अधिकारी गृह जिले में पदस्थ न हो
मध्य प्रदेश में नई विधानसभा के गठन की कार्यवाही 6 जनवरी 2024 तक करनी है। अधिकारियों की पदस्थापना को लिए दिए निर्देश में कहा गया है कि कोई भी महिला या पुरुष अधिकारी गृह जिले में पदस्थ नहीं होना चाहिए। यदि कोई अधिकारी का 30 जनवरी 2024 की स्थिति में पिछले चार सालों में 3 साल की अवधि जिले में पूरा करता है तो उसे स्थानांतरित कर दिया जाए। इसमें अधिकारी के प्रमोशन के बाद एक जिले में उसकी पदस्थापना के 3 साल भी जोड़े जाएंगे।
इन पर लागू नहीं होंगे निर्देश
चुनाव आयोग ने कहा है कि वृहद स्तर पर ट्रांसफर नहीं करने की मंशा के अंतर्गत इंजीनियर, शिक्षक, प्रिंसिपल जिनका चुनाव से सीधा संबंध नहीं है, वे भी ट्रांसफर से मुक्त रहेंगे। अगर उनका चुनाव से सीधा संबंध चुनाव अधिकारी के संज्ञान में नहीं आता है। ऐसे अधिकारी जिनका रिटायरमेंट छह माह बचेगा, उन्हें भी स्थानांतरण से मुक्त रखा जा सकेगा। आयोग ने यह भी कहा कि ऐसे अधिकारी जो संविदा पर या अन्य तरीके से पदस्थ है, उन्हें चुनाव संबंधी कार्यों से मुक्त रखा जा सकेगा।
यह अधिकारी आएंगे दायरे में
चुनाव आयोग ने कहा कि यह निर्देश ना सिर्फ जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी सहायक रिटर्निग अधिकारी पर लागू होगा बल्कि सभी एसडीएम एडीएम डिप्टी कलेक्टर संयुक्त कलेक्टर तहसीलदार ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर या चुनाव से सीधे संबंध रखने वाले अधिकारी भी इसके दायरे में आएंगे। आयोग ने पुलिस विभाग के रेंज आईजी, डीआईजी, एसएएफ के कमांडेंट, एसएसपी, एसपी, एडिशनल एसपी, सीएसपी, डीएसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी, सब इंस्पेक्टर, रक्षित निरीक्षक, सर एजेंट मेजर या समकक्ष पदों पर कार्यरत अधिकारी जिनका चुनाव से सीधा संबंध रहेगा, उनके लिए भी यह निर्देश लागू किए हैं। सब इंस्पेक्टर गृह जिले में पदस्थ नहीं रहेंगे। सब इंस्पेक्टर 3 साल की अवधि पूरी करने पर दूसरे पुलिस सब डिवीजन में ट्रांसफर किए जाएंगे।












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