कर्ज से परेशान किसान की खुली किस्मत, खुदाई में मिला 20 लाख का हीरा
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रहने वाले 40 वर्षीय किसान सुरेश यादव खेती में लगातार नुकसान से काफी परेशान था। आर्थिक तंगी के चलते सुरेश यादव ने अपना खेती की जगह कुछ और करने की योजना बनाई।
पन्ना (मध्य प्रदेश)। किसकी किस्मत कब पलट जाए ये कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है जहां आर्थिक तंगी से परेशान एक किसान की किस्मत ऐसी खुली की आप भी विश्वास नहीं करेंगे। हुआ यूं कि खेती में लगातार नुकसान से परेशान किसान ने जिला प्रशासन से एक खान किराए पर ली थी। उसी में खुदाई के दौरान इस किसान की किस्मत पलटी और उसे करीब 20 लाख की कीमत वाला हीरा मिल गया। पढ़िए ये खास मामला...
जब किसान की खुल गई किस्मत

सुरेश यादव को हो रहा था खेती में नुकसान
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रहने वाले 40 वर्षीय किसान सुरेश यादव खेती में लगातार नुकसान से काफी परेशान था। आर्थिक तंगी के चलते सुरेश यादव ने अपना खेती की जगह कुछ और करने की योजना बनाई। यहां जिला प्रशासन से एक छोटी सी खान 250 रुपये में एक साल के लिए लीज पर लिया जा सकता है। सुरेश यादव ने भी एक छोटी सी खान एक साल के लिए लीज पर ले ली। जानकारी के मुताबिक सुरेश यादव खान में ही खुदाई का काम कर रहे थे जब उनकी किस्मत ने करवट ली और एक हीरा उन्हें मिला।

खेती से हुआ मोहभंग
सुरेश यादव ने बताया कि मैं खेती करके अपने परिवार को पालता था लेकिन लगातार मौसम की मार से खेती में नुकसान हो रहा था। जिसकी वजह से मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होती जा रही थी। परिवार को पालने के लिए मुझे दूसरे खेतों में भी काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।

खान में खुदाई के दौरान मिला हीरा
सुरेश यादव ने बताया कि आखिरकार बीते साल मैंने अपना खेत मैंने अपने बेटे को सौंप दिया और किस्मत आजमाने के लिए एक खान लीज पर लिया। पाती कृष्णा कल्याणपुरा में मैंने एक खान लीज पर लिया। जहां मेरी मेहनत ने असर दिखाया और एक हीरा खुदाई के दौरान मुझे मिला।

हीरे की कीमत करीब 20 लाख रुपये
जानकारी के मुताबिक सुरेश यादव को खुदाई के दौरान कंकड़ के आकार का एक हीरा मिला, जिसने उसकी किस्मत को हमेशा के लिए बदल दिया। पता चला है कि हीरा करीब 5.82 कैरेट का है। हीरा कारोबारियों के मुताबिक इसका दाम करीब 20 लाख रुपये हो सकता है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि सुरेश यादव को मिले हीरे की सरकारी मापदंडों के आधार पर नीलाम किया जाएगा। इसमें नीलामी में मिली रकम का 11.5 फीसदी राज्य सरकार को देना होता है जबकि बाकि हिस्सा हीरे के मालिक को मिलता है। इसी के आधार पर हीरे की कीमत किसान को दी जाएगी। इससे पहले 2015 में भी एक किसान को एक हीरा मिला था।












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