सेंट्रल विवि के संस्थापक के नाम पर ‘डॉ. गौर पीठ’ की स्थापना जल्द, समन्वयक नियुक्त
देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में जल्द ही डॉ. गौर पीठ की स्थापना होने जा रही है। विवि ने इसके लिए तैयारी शुरु कर दी है। समन्वयक की नियुक्ति भी की गई है। सबकुछ ठीकठाक रहा तो 26 नवंबर के पहले इसकी घोषणा की जा सकती है।

मप्र के सागर में स्थित डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के संस्थापक व दिल्ली और नागपुर विवि के कुलपति रहे महान दानवीर व शिक्षाविद डॉ. हरीसिंह गौर के नाम पर गौर पीठ की स्थापना की जा रही है। बीते रोज कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने सोशल साइंस विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिवाकर सिंह राजपूत को गौर पीठ का समन्वयक नियुक्त किया है। गौर पीठ स्थापना को भी लेकर कुलपति ने संकेत दिए हैं। बता दें कि बीते साल गौर जयंती के पहले उन्होंने गौर पीठ की स्थापना को लेकर कहा था कि विवि इसको लेकर संजीदा है और हर संभव प्रयास कर रहा है।
गौर जयंती के पहले हो सकती है स्थापना
डॉ. गौर विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता द्वारा बीते रोज गौर पीठ में बतौर समन्वयक प्रो. दिवाकर राजपूत की नियुक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि आगामी 26 नवंबर को डॉ. हरीसिंह गौर की जयंती के पहले गौर पीठ की स्थापना की जा सकती है।आदेश में कहा गया है कि प्रो. राजपूत डॉ. गौर की स्मृति में गौर पीठ की गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
काफी लंबे समय से चली आ रही गौर पीठ की मांग
डॉ. हरीसिंह गौर को भारत रत्न दिलाने की मांग को लेकर काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। इसी बीच सागर के जनमानस व विवि से जुड़े लोगों ने डॉ. गौर के बारे में शोध, डॉ. गौर के कृतित्व, व्यक्त्तिव सहित जीवन से जुड़ी तमाम जानकारियों को संजोने के लिए डॉ. गौर के नाम से पीठ की स्थापित करने की मांग की जा रही है। साल 2016 में गौर जयंती के समय लिखित में ज्ञापन भी दिए गए थे।












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