खजाने में धरे रह गए पन्ना के हीरे, नीलामी में नहीं मिल सके खरीददार, मात्र 34 हीरे बिके
Panna की उथली खदानों से निकले इस सीजन के सबसे बड़े हीरे को खरीददार ही नहीं मिल सके। प्रशासन ने दीपावली के ठीक पहले हीरों की नीलामी आयोजित की थी, जिस कारण बाहर के बड़े हीरा व्यापारी नीलामी में शामिल नहीं हो सके। तीन दिन में मात्र 34 हीरे 94 लाख में बिक सके।

MP का पन्ना हीरों के लिए देश-दुनिया में विख्यात है। पन्ना की धरती आए दिन लोगों की किस्मत चमकाती रहती है। संभवतः कई सालों में पहली दफा ऐसी नौबत आई है कि यहां के हीरों को सही कद्रान नहीं मिले। बीते दिन दिन से यहां चल रही हीरों की नीलामी में 204 हीरे जिनकी कीमत करीब सवा चार करोड़ रुपए आंकी गई थी नीलामी के लिए रखे गए थे, लेकिन इनमें से मात्र 34 हीरे 94 लाख रुपए की बोली में नीलाम हो सके। 170 के करीब हीरों के लिए व्यापारियों ने बोली ही नहीं लगाई गई।

दीपावली सीजन के कारण बड़े व्यापारी नहीं आए
पन्ना कलेक्टोरेट परिसर में बीते 18 अक्टूबर से तीन दिवसीय हीरों की सरकारी नीलामी आयोजित की गई थी। चूंकी दीपावली पर्व का सीजन चल रहा है, इसलिए बाहर से कम ही व्यापारी इस नीलामी में शामिल होने आए थे। तीन दिन में प्रशासन ने व्यापारियों के सामने करीब साढ़े चार करोड़ के हीरे नीलामी के लिए रखे थे। इसमें 11.88 कैरेट तक का हीरा शामिल था। लेकिन बड़े और मंहगे हीरों को खरीददार नहीं मिल सके।
सबसे बड़े हीरे की बोली ही नहीं लगी

हीरा कार्यालय द्वारा शाम को साझा की गई अपडेट जानकारी अनुसार पहले दिन मंगलवार को 12 नग हीरे, 19 अक्टूबर दिन बुधवार को 7 हीरे और गुरुवार को 15 नग हीरों की नीलामी हुई है। इसमें कुल 34 हीरे जिनका कुल वजन 58.85 कैरेट है की बोली लगाई गई थी। इनकी कुल नीलामी कीमत 94 लाख 8 हजार 759 रुपए है। उम्मीद थी कि नीलामी में बड़े हीरे जिनमें सबसे बडऋा हीरा भी रखा गया था वह एक करोड़ तक में नीलाम हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।












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