Bandhavgarh National Park में दो बाघों की मौत? खूनी संघर्ष की आशंका, जांच में जुटा वन विभाग
Bandhavgarh National Park: टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल एमपी में बाघों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। एक बार फिर बुरी खबर बांधवगढ़ नेशनल पार्क से आई। जहां एक बाघ की मौत की पुष्टि हो गई, जबकि अन्य एक और बाघ की मौत का दावा भी किया जा रहा हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल ख़बरों के मुताबिक दो बाघ की मौत होना बताया जा रहा हैं। लेकिन पार्क प्रबंधन के आला अफसर देर शाम तक सिर्फ एक बाघ की मौत की ही पुष्टि कर सकें। इस खबर से वन महकमे के अफसरों के हाथ-पैर फूल गए हैं।
जानकारी के मुताबिक जिस बाघ की मौत की पुष्टि हुई उसकी गर्दन, पीठ और कंधे पर चोट के निशान पाए गए हैं। मृत बाघ की हालात देखकर वन अधिकारी खूनी संघर्ष होने का अनुमान लगा रहे हैं। यह संघर्ष बाघों के बीच ही होने का दावा किया जा रहा हैं। फिलहाल, बाघ के शव को कब्जे में लिया गया है और पीएम कराया गया।

घटना ताला रेंज के किला मार्ग में हुई। जहां एक बाघ का शव पड़ा हुआ था। यह खबर लगते ही मौके पर विभाग की टीम पहुंची। दूसरे बाघ की सर्चिंग में भी वन अधिकारियों की एक टीम जुटी है। ट्रैकिंग होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि वह मध्य प्रदेश में लगातार बाघ की होती मौतों को लेकर सवाल उठाते आए हैं। लेकिन सरकार ने अब तक ऐसे कोई ठोस कदम नहीं उठाए जिससे इन मौतों पर नियंत्रण हो सकें। कुछ महीने पहले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बाघ का सिर काटकर ले जाया गया था। जिसमें आरोपी तो गिरफ्तार हुए लेकिन जिम्मेदार विभाग की लापरवाही पर अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। मौजूदा वक्त में मध्य प्रदेश में सरकारी आंकड़ों में 164 बाघ हैं। इस साल अब तक 13 बाघ की मौत का दावा किया जा रहा हैं।












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