MPNews: सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके समर्थकों को कोर्ट से जमानत, प्रदर्शन की चेतावनी
MP News: भारत आदिवासी पार्टी से सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके समर्थकों को शनिवार को रतलाम एसटीएम कोर्ट से जमानत मिल गई, जिसके बाद वे तीन दिन बाद जेल से बाहर आए। विधायक और उनके समर्थकों की रिहाई में देरी होने पर उनके समर्थकों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
शनिवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में मौन धरना देने की योजना बनाई थी, और इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया पर यह चेतावनी भी दी थी कि धोलावाड़ से पेयजल आपूर्ति को रोकने का कदम उठाया जा सकता है।

जमानत की जानकारी
विधायक के वकील दिनेश गरवाल ने बताया कि एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस ने विधायक समेत सभी समर्थकों को अपने वाहन से सैलाना कार्यालय छोड़ दिया। जिला जेल सर्किल अधीक्षक एलकेएस भदोरिया ने भी पुष्टि की कि जमानत ऑर्डर मिलने के बाद विधायक और उनके समर्थकों को रिहा कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वे किस वाहन से गए थे।
गिरफ्तारी का मामला
11 दिसंबर को सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके 11 समर्थकों को बंजली हवाई पट्टी क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में भूरालाल, दीपक, दिनेश, दिलीपसिंह, छोटू, सिद्धार्थ, ध्यानवीर, दिनेश, पप्पू, मांगीलाल, जितेंद्र और गौतमपुरी शामिल थे। इन सभी को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
समर्थकों की नाराजगी
विधायक की रिहाई में देरी से समर्थक नाराज थे, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि विधायक के साथ अन्याय किया जा रहा है, और यदि उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया तो वे गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उनका इरादा कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने का था, और उन्होंने पेयजल आपूर्ति को रोकने की भी चेतावनी दी थी, जो उनके गांव के लिए एक अहम मुद्दा था।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह मामला न केवल विधायक और उनके समर्थकों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। विधायक डोडियार और उनकी पार्टी के नेता इस गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित मानते हैं, और उनका कहना है कि यह आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए की जाने वाली उनकी कोशिशों को दबाने की साजिश थी।
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार की गिरफ्तारी का कारण और प्रदर्शन
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके समर्थकों को गिरफ्तार करने का मुख्य कारण 5 दिसंबर को जिला अस्पताल में हुआ विवाद था। इस विवाद में विधायक का सामना डॉक्टर डॉ. सीपीएस राठौर से हुआ था, जब डॉक्टर ने विधायक को अपशब्द कहे थे। विधायक और डॉक्टर के बीच तू-तू, मैं-मैं की स्थिति बन गई थी, और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद, विधायक ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, और डॉक्टर ने भी विधायक के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी। दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
डॉक्टर के निलंबन की मांग
11 दिसंबर को, विधायक डोडियार और उनके समर्थकों ने डॉक्टर के निलंबन की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। वे बिना अनुमति के नेहरू स्टेडियम में आंदोलन करने के लिए जुटे थे। हालांकि, प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके बावजूद, विधायक और उनके 13 समर्थकों ने विरोध जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद का प्रदर्शन
विधायक की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद, बड़ी संख्या में समर्थक रतलाम पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। तीन दिन तक चले इस प्रदर्शन में विधायक और उनके समर्थकों ने प्रशासन से मांग की कि डॉक्टर को निलंबित किया जाए और उनकी गिरफ्तारी की स्थिति पर विचार किया जाए। विधायक और उनके समर्थकों ने अपनी मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम देते हुए धरना समाप्त किया।












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