'गोपाष्टमी' पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की गौ-माता की पूजा-अर्चना, कहा- सबके मनोरथ पूर्ण हों
भोपाल। आज 22 नवंबर को पूरे देश में 'गोपाष्टमी' मनाई जा रही है। तो वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गोपाष्टमी के अवसर पर अपने निवास पर गौ-माता की पूजा-अर्चना की। इस दौरान ने उन्होंने गायों को चारा भी खिलाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गाय हमारी श्रद्धा और आस्था का केंद्र हैं। अगर कुपोषण को दूर करना है तो गाय का दूध अमृत का काम करता है। हमने अति कुपोषित बच्चों को गाय का दूध देने की व्यवस्था की है। गाय का दूध अमृत है ये मैं नहीं विज्ञान भी कहते है।
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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गौ-माता की पूजा-अर्चना करते हुए दो ट्वीट भी किए है। साथ ही तस्वीरें भी झासा की है। ट्वीट में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, 'सर्वकामदुधे देवि सर्वतीर्थीभिषेचिनि।
पावने सुरभि श्रेष्ठे देवि तुभ्यं नमोस्तुते॥ आज गोपाष्टमी के पावन अवसर पर गौमाताओं की पूजा-अर्चना की और उन्हें आहार ग्रहण करवाया। आज हम एक पुनीत कार्य का शुभारंभ कर रहे हैं, ईश्वर हमें सफलता प्रदान करें, यही प्रार्थना है।'
वहीं, दूसरे ट्वीट में लिखा, 'समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करने और स्वास्थ्य का उपहार देने वाली गौ-माता की आज गोपाष्टमी पर पूजा-अर्चना की। पहली बार गौ पूजा के समय धर्मपत्नी साथ नहीं थीं, तो बहुत खालीपन महसूस हुआ। मां अन्नपूर्णा की साक्षात मूर्ति गौ-माता से यही प्रार्थना कि उनकी कृपा बनी रहे। सबके मनोरथ पूर्ण हों।' इस दौरान गौ कास्ट यानी गोबर के उपयोग के बारे में बोलते हुए सीएम ने कहा कि वन बचाने के लिए गौ कास्ट रामबाण साबित हो सकता है। गोबर के कंडे बनाकर जंगल बचाए जा सकते हैं। जबकि गौ मूत्र से कीटनाशक कई दवाईयां बनती है। इससे कई बीमारियों की दवाएं भी बनती है।
कहा कि मैं एलोपैथिक मेडिसिन को नकार नहीं रहा हूं। लेकिन कई दवाओं का साइड इफेक्ट होता है। कीटनाशकों का जिस तरह से उपयोग हो रहा हैं और भोपाल यूनियन काबाईड की घटना को भूले नहीं है। कीटनाशक फलों व फसलों को अधिक विषाक्त करते है। गौ मूत्र के उपयोग से बनी औषधि बनती है। इसके उपयोग से कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है।












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