सीएम मोहन यादव बोले- मध्य प्रदेश और राजस्थान भाई-भाई जैसे, रिवर लिंक प्रोजेक्ट को मिलेगी गति
MP News: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अटके हुए रिवर लिंक प्रोजेक्ट को अब गति मिल गई है। दोनों राज्यों की सरकारों ने संयुक्त प्रयास के तहत प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया है।
रविवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने 'पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना' में साझी स्थिति ली।

इस मौके पर, सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि दोनों राज्यों के बीच छोटे-छोटे विवाद थे, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। उन्होंने देश हित को महत्व देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से देश को बड़ा लाभ होगा।
सीएम भजनलाल शर्मा ने इस योजना की महत्वाकांक्षा पर बात करते हुए बताया कि यह योजना राजस्थान के कई जिलों को सिंचाई की सुविधा पहुंचाएगी, जिससे उनकी कृषि में सुधार होगा।

सीएम मोहन यादव ने व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी की यह सोच है कि राज्यों को अपने मसलों को सुलझाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बड़ा मुद्दा जल के बंटवारे का है। "हमारी सरकार बनने के बाद 28 जनवरी को भजन लाल जी से मिला। हमने तय किया कि तीनों नदियां - चंबल, काली सिंध और पार्वती - के पानी का दोनों राज्यों में बेहतर उपयोग हो सके।" उन्होंने जोड़ते हुए कहा, "हम यह मानकर चले हैं कि छोटे-मोटे इश्यू हो सकते हैं, लेकिन हम उनका समाधान कर लेंगे। मध्यप्रदेश और राजस्थान तो भाई-भाई जैसे हैं। दोनों के कलर मिलते-जुलते हैं।"
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बयान दिया है कि भगवान श्रीकृष्ण जिस रास्ते से एमपी आए थे, उस रास्ते को दोनों राज्य मिलकर 'श्रीकृष्ण पाथ' के रूप में विकसित करेंगे। राजस्थान के सीएम ने इस बारे में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण राजस्थान से होते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन में गुरु आश्रम में पढ़ने आए थे। "जैसे भगवान राम श्रीलंका गए थे और उनका पाथ वहाँ बना, उसी तरह भगवान श्रीकृष्ण के भी राजस्थान से उज्जैन जाने का 'पाथ' बनाना चाहिए। राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।"
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कहा, "अगर रणथंभौर के टाइगर हमारे इलाके में आते हैं तो हम ढूंढते हैं कि ये कहां से आए हैं। इसी तरह, जब आपके यहां चीते हैं तो हमारे चीते आपके यहां पहुंच जाते हैं। हमारे चीते की सुरक्षा आप करें, और आपके टाइगर की हम देखभाल करेंगे।"
राजस्थान के सीएम ने इस विचार को और बढ़ाते हुए कहा, "हमारे पड़ोस में चीते हैं, हमारे रणथंभौर के टाइगर आपके यहां आते हैं। इसी तरह, जहां टाइगर है वहां टाइगर रहे, और जहां चीते हैं वहां चीते रहें।"












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