MP News: सीएम मोहन यादव की 6 दिवसीय विदेश यात्रा, निवेश लाने के लिए दुबई और स्पेन पर फोकस
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 13 जुलाई से 19 जुलाई 2025 तक 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। इस यात्रा के दौरान वे दुबई और स्पेन का दौरा करेंगे, जहां प्रत्येक देश में 3-3 दिन बिताएंगे।
उनके साथ 10 वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें उद्योग और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के प्रबंध निदेशक और अन्य महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं, इस यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाना, नवीनतम तकनीक हस्तांतरण, और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।

यह यात्रा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 की तैयारियों का हिस्सा है, जो भोपाल में आयोजित होने वाली है। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है इस महत्वपूर्ण यात्रा की पूरी कहानी।
दुबई और स्पेन में 3-3 दिन का प्रवास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह विदेश यात्रा 13 जुलाई को शुरू होगी, जब वे भोपाल से दुबई के लिए रवाना होंगे। दुबई में 3 दिन (13-15 जुलाई) बिताने के बाद, वे स्पेन के लिए रवाना होंगे, जहां 16 से 19 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वे दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों, और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें करेंगे। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया, "यह यात्रा मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, और रोजगार सृजन का केंद्र बनाने की राज्य सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।"
दुबई, जो मध्य पूर्व का एक वैश्विक व्यापार केंद्र है, मध्य प्रदेश के लिए क्रॉस-बॉर्डर साझेदारी और तकनीकी आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण द्वार है। यहां सीएम नवीकरणीय ऊर्जा, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर ध्यान देंगे। दूसरी ओर, स्पेन, जो ऑटोमोबाइल, शिपबिल्डिंग, और फैशन जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है, डिजाइन, मशीनरी, और सतत बुनियादी ढांचे में सहयोग के अवसर प्रदान करता है।
निवेश और रोजगार सृजन पर जोर
मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। सीएम डॉ. मोहन यादव इस यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे, और भारत के मध्य में रणनीतिक स्थिति को उजागर करेंगे। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "इस दौरे का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करना है।"
पिछले वर्षों में यूके, जर्मनी, और जापान में किए गए सफल रोडशो ने 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए थे। इस बार भी सीएम का लक्ष्य दुबई और स्पेन से बड़े पैमाने पर निवेश लाना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025, जो 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में आयोजित होगा, इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस समिट में मध्य प्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।
पहले की सफल यात्राएं और निवेश
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल नवंबर 2024 में यूके और जर्मनी की यात्रा के दौरान 78,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए थे, जिसमें यूके से 59,350 करोड़ रुपये और जर्मनी से 18,090 करोड़ रुपये शामिल थे। इसके अलावा, जापान की यात्रा और भारत के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, लुधियाना, और सूरत में आयोजित क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों ने 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव और 1.25 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए।
सूरत में आयोजित सत्र में 15,710 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 11,250 रोजगार सृजित करेंगे। लुधियाना में 15,606 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इन सफलताओं ने मध्य प्रदेश को निवेशकों के बीच एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। सीएम यादव ने कहा, "हम निवेशकों को पारदर्शिता, समयबद्धता, और व्यापार करने में आसानी प्रदान करते हैं। मैं इस यात्रा में मुख्यमंत्री की भूमिका छोड़कर एक सीईओ की तरह निवेशकों से मिलूंगा।"
दुबई में क्या होगा खास?
दुबई में सीएम 13 से 15 जुलाई तक रहेंगे, जहां वे वैश्विक व्यापार मंचों और उद्योगपतियों के साथ बैठकें करेंगे। मध्य पूर्व के निवेशकों के लिए मध्य प्रदेश एक आकर्षक गंतव्य है, क्योंकि यह भारत के मध्य में स्थित है और लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए आदर्श है। MPIDC के प्रबंध निदेशक ने बताया, "दुबई में हम उन निवेशकों से मिलेंगे जो स्मार्ट सिटी, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में रुचि रखते हैं।"
इसके अलावा, सीएम दुबई में एनआरआई समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। "Friends of Madhya Pradesh" जैसे संगठनों के साथ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 400 से अधिक एनआरआई हिस्सा लेंगे। ये सत्र मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।
स्पेन में सहयोग की नई संभावनाएं
16 से 19 जुलाई तक स्पेन में सीएम ऑटोमोबाइल, फैशन, और सतत बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। स्पेन की कंपनियां डिजाइन, मशीनरी, और हरित ऊर्जा में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। सीएम यादव स्पेन के ऑटोमोबाइल निर्माताओं से मिलकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोटिव पार्ट्स के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करेंगे। उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा, "स्पेन के साथ हमारा फोकस प्रौद्योगिकी अनुसंधान, हरित ऊर्जा, और औद्योगिक विकास पर होगा।"
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 की तैयारी
यह विदेश यात्रा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 की तैयारियों का हिस्सा है, जो 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में आयोजित होगा। इस समिट में 9 भागीदार देशों, 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, और 5,000 से अधिक B2B बैठकें होंगी। समिट में 90 समझौता पत्र (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिनसे 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 21.4 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट का उद्घाटन किया था और मध्य प्रदेश को विकसित भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण राज्य बताया था।
सीएम यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश भारत का सांस्कृतिक और औद्योगिक दिल है। हमारी 14 यूनेस्को साइटें, नर्मदा परिक्रमा, और आदिवासी विरासत जैसे गोंड कला और भागोरिया उत्सव हमें वैश्विक पर्यटन और निवेश के लिए अद्वितीय बनाते हैं।" इस समिट में ऑटो शो, टेक्सटाइल और फैशन एक्सपो, और MSME सत्र जैसे आयोजन होंगे, जो राज्य की क्षमताओं को प्रदर्शित करेंगे।
विपक्ष के सवाल और सरकार का जवाब
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस यात्रा पर सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "पिछली विदेश यात्राओं पर 18 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए, लेकिन कितने निवेश वास्तव में जमीन पर उतरे? सरकार को पहले पुराने MoUs की प्रगति का हिसाब देना चाहिए।"
इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "हमारी सरकार निवेश को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट कमेटी और निवेश प्रोत्साहन नीतियां यह सुनिश्चित करती हैं कि MoUs वास्तविक परियोजनाओं में बदलें। पिछले साल के निवेशों से 1.25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं।"
मध्य प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियां
मध्य प्रदेश ने 18 नई नीतियां लागू की हैं, जिनमें औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025, लॉजिस्टिक्स नीति, निर्यात नीति, MSME नीति, और स्टार्टअप नीति शामिल हैं। ये नीतियां पारदर्शी प्रोत्साहन, तेज अनुमोदन, और क्षेत्र-विशिष्ट ढांचे प्रदान करती हैं। सीएम यादव ने कहा, "हमारा लक्ष्य विकसित मध्य प्रदेश के माध्यम से विकसित भारत में योगदान देना है।"
सूरत में राम प्रकाश बेरिया (मिलेनियम बेबी केयर) और चिंतन ठक्कर (वेल्सपन वर्ल्ड) जैसे उद्योगपतियों ने मध्य प्रदेश की लॉजिस्टिक्स और MSME नीतियों की सराहना की। गोविंदभाई ढोलकिया (SRK ग्रुप) ने कहा, "मध्य प्रदेश गुजरात के उद्यमियों के लिए दूसरा घर है।"












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