MP News Gwalior: ग्वालियर में जमीन विवाद में गोलीबारी, पूर्व सरपंच के बेटे की मौत, पांच घायल
Gwalior MP News: ग्वालियर जिले के गोकुलपुरा गांव में बुधवार को 17.5 बीघा जमीन को लेकर पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन इस पंचायत में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि यह हिंसक रूप ले लिया। गोलीबारी में पूर्व सरपंच के बेटे की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह विवाद उस समय हुआ जब जमीन के मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। पंचायती बैठक में जब बात नहीं बनी, तो एक पक्ष ने फायरिंग कर दी, जिसके परिणामस्वरूप पुरुषोत्तम यादव की मौत हो गई। इसके अलावा, पांच अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग डर के मारे घरों में छिपने लगे।

गांव में सन्नाटा, पुलिस का कड़ा पहरा
गांव का माहौल पूरी तरह से शांत है। जहां चौपाल पर गहमा-गहमी रहती थी, वहां आज सन्नाटा पसरा हुआ है। पूरे गांव में पुलिस का कड़ा पहरा है। गांव के लोग खामोशी से घरों में दुबके हुए थे, और घटना के बाद तनाव बढ़ गया था। मृतक पुरुषोत्तम यादव के घर पर भी भारी भीड़ जमा है, जहां लोग उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। घर के अंदर गमगीन माहौल था, जहां महिलाएं रो रही थीं।
आरोपियों के घर पर ताला, परिवार फरार
मृतक के घर से कुछ ही दूरी पर आरोपियों का घर था, जहां एक-दो घर छोड़कर अब सन्नाटा पसरा हुआ था। आरोपियों के घर के बाहर ताला लगा हुआ था और सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए थे। घर के बाहर पुलिस बल तैनात था और पूरे गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
पुलिस का बयान
पुलिस ने गोलीबारी की घटना की पुष्टि की है और इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को सजा दिलवाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।
60 करोड़ की जमीन बनी खूनी संघर्ष की वजह
ग्वालियर के गोकुलपुरा गांव में बुधवार को एक विवाद के चलते गोलीबारी हुई, जिसमें पूर्व सरपंच के बेटे की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह विवाद एक संपत्ति को लेकर हुआ, जो करीब 17.5 बीघा (लगभग 60 करोड़ रुपये की कीमत) थी। पंचायत में जमीन के बंटवारे को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला हिंसक रूप ले लिया। इस घटना से पूरा गांव सन्नाटे में डूब गया और पूरे इलाके में पुलिस का कड़ा पहरा बढ़ा दिया गया।
जमीन के बंटवारे को लेकर चला विवाद
गोकुलपुरा गांव में हुकुम सिंह यादव और उनके भाई पंचम सिंह यादव के बीच लंबे समय से पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह जमीन 1989 में हुकुम सिंह के पिता मजबूत सिंह ने खरीदी थी। उस समय हुकुम सिंह के छोटे भाई बालमुकुंद और बड़े भाई शिवचरण नाबालिग थे, जिसके कारण जमीन का मालिकाना हक पंचम सिंह के नाम कर दिया गया।
बाद में, 2000 में हुकुम सिंह, बालमुकुंद और शिवचरण ने कानूनी कार्रवाई की और जमीन अपने नाम करवा ली। इसके बाद, 2018 में पंचायत बुलाई गई, जिसमें जमीन के बंटवारे का फैसला लिया गया। इस फैसले के तहत एक हिस्सा पंचम सिंह, शिवचरण और बालमुकुंद को दिया गया, जबकि दूसरा हिस्सा पंचम सिंह की पत्नी कमला यादव और उनके बेटे रामू व रामबरन यादव के नाम किया गया।
गोलियां चलीं, एक की मौत और पांच घायल
हालांकि पंचायत में फैसला हुआ था, लेकिन बंटवारे को लेकर विवाद और बढ़ता गया। बुधवार को पंचायत में यह विवाद फिर से उभर आया, जब हुकुम सिंह यादव और उनके परिवार ने जमीन के बंटवारे को लेकर पंचम सिंह और उनके परिवार से विरोध किया। इस विरोध के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। गोलीबारी में पूर्व सरपंच के बेटे पुरुषोत्तम यादव की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
गांव में तनाव, पुलिस की तैनाती
घटना के बाद पूरे गांव में खौफ का माहौल है। मृतक के परिवार में गम का माहौल है, वहीं आरोपियों के घर पर ताला लगा हुआ है और पूरा परिवार फरार हो गया है। पुलिस ने पूरे गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और गांव में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
भूमि विवादों की बढ़ती समस्या
गोकुलपुरा गांव में यह भूमि विवाद पहले भी सामने आ चुका है, लेकिन अब यह हिंसक रूप ले चुका है। यह सवाल भी उठ रहा है कि भूमि विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए प्रशासन को क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं न हों। पंचायतें, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विवादों को सुलझाने का एक अहम माध्यम मानी जाती हैं, अब हिंसा का कारण बनती जा रही हैं।












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