स्कूली बच्चों के हक पर डाका, विदेशी दौरे के लिए मंत्री-अफसरों ने जोड़े अपने नाम
भोपाल। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमाम मंचों से कहते हैं कि हमें बच्चों में खेल के प्रति उत्साह बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री 'मन की बात' में भी फीफा, ओलंपिक सरीखे आयोजनों का जिक्र कर चुके हैं लेकिन उन्हीं की पार्टी की सरकार ऐसा नहीं कर पा रही है। मामला मध्य प्रदेश का है जहां खिलाड़ियों की जगह मंत्री और अफसर, 'पैसिफिक स्कूल गेम्स' में हिस्सा लेने जाएंगे। इन लोगों के नाम उन बच्चों की जगह जोड़े गए जो तय सीमा के भीतर पासपोर्ट और अन्य कागजात संबंधित दफ्तर में जमा नहीं करा सके। मिली जानकारी के अनुसार राज्य के स्कूलों से विभिन्न खेलों के लिए 29 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है और सभी को पासपोर्ट समेत कागजात पूरा करने के लिए सिर्फ 3 दिन दिए गए। जब 20 दिन बाद पैसिफिक स्कूल गेम्स में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया स्थित एडिलेड जाने वाले सदस्यों की सूची जारी की गई तो चुने गए 29 खिलाड़ियों में से सिर्फ 19 के ही नाम सूची में शामिल किए गए।

इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि सूची में मध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी की सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह का नाम बतौर भारतीय दल के प्रमुख दिया गया है। शाह के साथ मध्य प्रदेश के 5 अन्य अफसरों के नाम इस सूची में शामिल हैं। राज्य के जन निर्देश निदेशालय ने 31 अक्टूब 2017 को कई स्कूलों से चुने गए 29 खिलाड़ियों की सूची जारी की गई, जिन्हें बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, नेटबॉल, सॉफ्टबॉल, तैराकी, डाइविंग और ट्रैक-फील्ड इवेंट्स समेत कई अन्य खेलों में हिस्सा लेने के लिए चुना गया। 3 दिन के भीतर उनसे कहा गया कि वो पासपोर्ट समेत अन्य कागजात जमा कराएं।
मिली जानकारी के अनुसार सॉफ्टबॉल में अर्जुन भाटी, अंजलि,आशा, दिशा जाटवा, तैराकी में अद्वैत पागे,परम पदम बर्थर, ईशप्रीत कौर मुंद्रा, नेट बॉल में पूजा बाल्के, दामिनी बाल्के, ईशा सोनी और हॉकी से मोहित ततावत का नाम कागजात जमा ना कराए जाने पर सूची से हटा दिया गया। वहीं इनकी जगह विजय शाह शिक्षा मंत्री, अनुज भदौरिया अधिकारी,बृजभूषण सक्सेना, राजेंद्र कुमार, राजेश कुमार यादव और आमिर अहमद खान एडिलेड जा रहे हैं।
स्कूल गेम्स फेडेरेशन ऑफ इंडिया, आगरा की ओर से 20 नवंबर को 19 खालाड़ियों की सूची जारी की गई। इस दौरे पर शिक्षा विभाग हर सदस्य पर ढाई लाख रुपये खर्च कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया जा रहे मध्य प्रदेश के इन अधिकारियों में से कोई भी ना तो कोच है और ना ही खेल से कोई जुड़ाव है। राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री शाह ने कहा इसमें कुछ भी गलत नहीं है।












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