MP के 5 लाख कर्मचारियों और उनके परिजनों को मिलेगा बेहतर इलाज, सरकार ने 24 निजी अस्पतालों से किया करार
MP government News: मध्य प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों और उनके परिजनों को प्रदेश सरकार बेहतर इलाज देने की तैयारी कर रही है। दरअसल सरकार ने अब 24 बड़े निजी अस्पतालों से करार किया है। जिसके बाद अब इन अस्पतालों में कैशलेस उपचार मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है। यह वो अस्पताल है, जिनके पास नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल (एनएबीएच) का प्रमाण-पत्र है।
सरकार के कर्मचारियों और परिजन को मिलाकर 12 लाख नागरिकों को लाभ मिलेगा। इस अनुबंध में गंभीर रोगों के उपचार की विशेषज्ञता वाले बड़े अस्पतालों को शामिल किया गया है। इससे कर्मचारियों एवं उनके परिवार वालो को गुणवत्ता के साथ उपचार मिलना सुनिश्चित हो सकेगा, लेकिन कर्मचारियों को निजी वार्ड में उपचार के लिए भर्ती होना इलाज के पैकेज में शामिल नहीं माना जाएगा।

प्राइवेट वार्ड का खर्च सरकारी कर्मचारियों को उठाना होगा। अगस्त 2022 से कर्मचारी के उपचार की नई नीति लागू होने के बाद के कैश उपचार की सुविधा की दी गई है। इसके लिए निजी अस्पतालों से अनुबंध के बारे में शर्तें तय करने के लिए समिति बनाई थी। समिति के सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य आयुक्त डॉ सुदाम खाड़े ने अनुबंध करते हुए उपचार के लिए निर्देश जारी किए हैं। बीमा के तहत कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा शुरू की गई है। कैंसर सर्जरी के लिए भी उन्हीं अस्पतालों से अनुबंध किया है, जहां कीमोथेरेपी व रेडियोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध हो।
क्या है एनएबीएच
क्वालिटी काउंसलिंग ऑफ़ इंडिया से संबद्ध एनएबीच देशभर के अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मान्यता प्रदान करता है। हेल्थ इंडस्ट्री में गुणवत्ता के लिए उच्च माध्यमिक तैयार करने और लोगों को इसका फायदा पहुंचाना ही बोर्ड का उद्देश्य है। भारतीय गुणवत्ता परिषद के की तरफ से यह प्रमाण पत्र दिया जाता है। क्यूसीआई की टीम निरीक्षण कार्य देखती है कि अस्पताल में मापदंडों का पालन हो रहा है या नहीं। इसमें स्वच्छता, संक्रमण रोकथाम, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, बायो मेडिकल वेस्ट का निपटान आदि शामिल है।












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